हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भक्ति प्रदूषण में न बदल जाए - करण रस्तोगी

Source: Facebook/ Help Us Green
कानपुर स्थित स्टार्टअप Help Us Green, मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारा से एकत्रित फूलों के कचरे को पेटेंट की गई जैविक खाद, खुशबू वाली लकड़ियों, और साबुन आदि में परिवर्तित करता है। संस्था के सह-संस्थापक करण रस्तोगी ने एसबीएस हिंदी को बताया कि कैसे यह पहल गंगा नदी का प्रदूषण कम करनेमे, रोजगार उपलब्ध करवाने में मदद करती है और अर्थव्यवस्था का समर्थन करती है।
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