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"हमारी सैलरी में कटौती की गई है, आगे का पता नहीं"

Girl Working from home
Source: Getty Images/Westend61

पूरी दुनिया की तरह भारत में भी कोविड-19 का भारी आर्थिक असर देखने को मिल रहा है. उद्योगों को नुकसान हो रहा है लिहाज़ा कर्मचारी भी परेशान हैं. नौकरी बचाने की जद्दोजहद में तनख्वाह काटी जा रही है.


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By Gaurav Vaishnava

Source: SBS


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पूरी दुनिया की तरह भारत में भी कोविड-19 का भारी आर्थिक असर देखने को मिल रहा है. उद्योगों को नुकसान हो रहा है लिहाज़ा कर्मचारी भी परेशान हैं. नौकरी बचाने की जद्दोजहद में तनख्वाह काटी जा रही है.


इस वक्त कोविड 19 की दहशत पूरी दुनिया में फैली हुई है. हालांकि दूसरा पहलू ये भी है कि पूरी दुनिया इससे निपटने के लिए कमर कसे खड़ी भी दिखाई दे रही है. सभी देशों की सरकारें  और प्रशासन आम लोगों को इस बीमारी से बचाने के प्रयासों में लगे हुए हैं.

कोविड-19 को अगर नियंत्रित नहीं किया गया तो ये वायरस दुनिया में कितनी तबाही मचा सकता है इसका अंदाज़ा सभी को हो गया है और इसका भी कि अलग-अलग आयु वर्ग या स्वास्थ्य की स्थिति वाले लोगों के लिए ये वायरस किस हद तक घातक साबित हो सकता है.

लेकिन इस प्रकोप का एक और बड़ा पहलू है और वो है आर्थिक नुकसान, ये न केवल बड़ी कंपनियों या छोटे उद्योगों को हो रहा है बल्कि नौकरीपेशा लोगों से लेकर दैनिक मेहनताना पाने वाले लोग तक इसकी चपेट में हैं.

और देशों की तरह भारत में भी कमोबेश ये ही हाल हैं. भारत में अलग अलग जगहों पर काम करने वाले कर्मचारी किस तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं. इस बारे में हमने कुछ लोगों से बात की.

दहशत का माहौल

दिल्ली में मोबाइल चार्जर बनाने वाली एक चाइनीज़ कंपनी में काम करने वाली रीता कहती हैं कि अभी कंपनी में डर का माहौल है. मैनेजमेंट में चीनी अधिकारी कर्मचारियों को मास्क पहनकर काम करने को कह रहे हैं. वो कहती हैं कि उनके ऑफिस में किसी को भी मास्क उतारने की इजाज़त नहीं है. 

रीता बताती हैं कि सख्ती इतनी है कि सामान्य बीमार होने के बाद अगर कोई वापस काम पर आना चाहता है तो भी उसे डॉक्टर का सर्टिफिकेट लाना होगा.

तनख्वाह में कटौती

भारत में ज्यादातर जगहों पर सिनेमाघरों को बंद कर दिया गया है. एक बड़ी सिनेमा कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी राजेश ने नाम बदले जाने की शर्त पर बताया कि उन्हें कंपनी की ओर से जितना हो सके घर पर ही काम करने को कहा गया है. लेकिन ये सभी के लिए संभव नहीं है क्योंकि कंपनी में बहुत से लोगों के काम ऐसे हैं जो घर से नहीं हो सकते. वो कहते हैं

"मेल भेजकर सभी को घर से काम करने को कहा गया है, केवल दो गार्ड ऑफिस आएंगे. लेकिन प्लंबर, कार्पेंटर जैसे कर्मचारी घर से कैसे काम कर पाएंगे"

राजेश कहते हैं कोविड-19 उनके और उनके साथी कर्मचारियों के लिए दोहरा झटका लेकर आया है. क्योंकि कंपनी ने उनकी तन्ख्वाह में 25 से 50 फीसदी की कटौती की घोषणा की है. वो बताते हैं,

"हमें बताया गया है कि हमारी तनख्वाह में पद के मुताबिक 25 से 50 फीसदी तक की कटौती की जाएगी. हालांकि आशंका ये भी है कि आगे और कड़े फैसले लिए जा सकते हैंं."

राजेश बताते हैं कि कई लोग हैं जो इससे बुरी तरह प्रभावित होंगे, क्योंकि ज्यादातर नौकरीपेशा लोगों के सिर पर ऋण रहता है. वो कहते हैं कि बैंक तो अपनी किश्त लेते रहेंगे, सरकार को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए.

आईटी कर्मचारियों पर कम प्रभाव

हालांकि आईटी कंपनी में काम करने वाले प्रशांत कहते हैं कि अभी तक उनकी कंपनी के काम पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है. क्योंकि वो घर से भी आसानी से वो काम कर सकते हैं जो कि वो ऑफिस में किया करते थे. हालांकि प्रशांत कहते हैं कि ज्यादातर लोग घर से काम कर रहे हैं. ऐसे में इंटरनेट पर ज्यादा बोझ है.


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