Watch FIFA World Cup 2026™

LIVE, FREE and EXCLUSIVE

मैं मानवीय संवेदनाओं को छूना चाहती हूं - नूपुर जायसवाल

Nupur Jaiswal with Harita Mehta
Source: Harita Mehta

लेखिका, कवयित्री, मोटिवेशनल स्पीकर - बहुमुखी प्रतिभा नूपुर जायसवाल आजकल ऑस्ट्रेलिया आई हुई हैं. एसबीएस हिंदी से खास बातचीत दौरान नुपूर ने साहित्य में आ रहे बदलाव, डिजिटाइजेशन के साहित्य में बढ़ते प्रभाव और अपने लेखन आदि पर अपनी बात रखी.


Published

Updated

By Harita Mehta

Source: SBS




Share this with family and friends


लेखिका, कवयित्री, मोटिवेशनल स्पीकर - बहुमुखी प्रतिभा नूपुर जायसवाल आजकल ऑस्ट्रेलिया आई हुई हैं. एसबीएस हिंदी से खास बातचीत दौरान नुपूर ने साहित्य में आ रहे बदलाव, डिजिटाइजेशन के साहित्य में बढ़ते प्रभाव और अपने लेखन आदि पर अपनी बात रखी.


लेखिका, कवयित्री और मोटिवेशनल स्पीकर नूपुर जायसवाल हिंदी साहित्य जगत की जानीमानी प्रतिभा हैं. आजकल वह ऑस्ट्रेलिया में हैं. अपनी ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान उन्होंने एसबीएस हिंदी को विशेष समय दिया. इस खास बातचीत दौरान नुपूर ने साहित्य में आ रहे बदलाव और खासकर महिला साहित्य की विषयवस्तु-प्रस्तुति, डिजिटाइजेशन के साहित्य क्षेत्र बढ़ते प्रभाव और अपने प्रिय विषयों पर अपनी बात रखी.

साहित्य में आ रहे बदलाव और खासकर महिला साहित्य की विषयवस्तु व प्रस्तुति के पर उन्होंने कहा कि किसी भी रचनाकार की रचना उसके व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित होती है. नूपुर कहती हैं, “साहित्य में कुछ अनुभवों की मर्यादा के कारण महिला साहित्य को अलग श्रेणी का माना जाता था लेकिन अब नई सोच के साथ नए विषय आ रहे हैं और बहेतरीन प्रस्तुति की जाती है.”

नूपुर अलग-अलग विचारदायी विषयों पर लेखन करती हैं. “विसंगतियों के व्यूह में”, “विचार वीथि “, “दर्पण”, “यादों के झरोखों से”, “स्त्री लेखन एक विमर्श” जैसे संग्रहों में उनकी रचनाएं रचना प्रकशित हुई हैं. हाल ही में "मेरे मन का शहर" नामक एक और काव्य संग्रह भी प्रकाशित हुआ है. नूपुर जायसवाल मानव संवेदनाओं को छू जाए और पाठक को विचार करने की प्रेरणा दे, ऐसे विषयों पर काम करना उन्हें पसंद है.

साहित्य क्षेत्र में इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग पर उनका कहना है कि साहित्य के लिए ये प्रवाह लाभदायी और घातक दोनों हो सकते हैं. किसी भी लेखक या कवि को अपनी रचना पाठकों तक पहुंचाने से पहले एक बार खुद संपादक बनकर जांचनी चाहिए.

एसबीएस हिंदी पढ़ने-सुनने वालों के लिए नूपुर जायसवाल ने अपनी दो कविताओं का पाठ भी किया जिसे आप वीडियो में देख और सुन सकते हैं.

Follow us on FACEBOOK.


Follow SBS Hindi

Download our apps

Watch on SBS

SBS Hindi News

Watch it onDemand

Stream now