भारत में ये टीके सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित हैं। एक टीका ऑक्सफर्ड विश्वविद्यालय और यूके स्थित दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित किया गया है और दूसरा भारतीय कंपनी भारत बायोटेक द्वारा विकसित किया गया है।
खास बातेंः
- स्वदेशी टीके कोवैक्सीन’ को ‘भारत बायोटेक’ द्वारा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और भारतीय विषाणु विज्ञान संस्थान के साथ मिलकर विकसित किया गया है।
- कोवैक्सीन के लिए तीसरे चरण में लगभग 22,500 प्रतिभागियों का पंजीकरण है.
- भारत में COVID-19 ने 10 मिलियन से अधिक लोगों को संक्रमित किया है और लगभग डेढ़ लाख लोगों की मौत हुई है।
ऑक्सफर्ड के कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड' और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ‘कोवैक्सीन' को देश में सीमित इस्तेमाल को रविवार तीन जनवरी को मंजूरी दे दी गयी। दोनों ही टीके सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित हैं।
पब्लिक हेल्थ वॉचडॉग, इंडिया ड्रग एक्शन नेटवर्क की चिन्ता है कि स्थानीय वैक्सीन को मंजूरी तो दे दी गई है लेकिन इसे अभी भी बड़े पैमाने पर परीक्षणों से गुजरना बाकी है।
इसको लेकर आम लोगों में क्या राय है, इसके बारे में एसबीएस हिन्दी से बात करते हुए मुम्बई से संवाददाता विश्वरतन ने बताया कि चाहे शुरु में हरियाणा के गृह मंत्री जी को कोविड हो जाने के बाद भारत के बायोटेक के इस टीके को लेकर चिन्ता हुई थी लेकिन जब स्पष्टीकरण हुआ कि उन्हें दूसरी डोज अभी दी जानी बाकी थी तो आम लोगों मे वह चिन्ता दूर हो गयी है। लेकिन उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल को लेकर जो आवाजें उठी हैं उससे कुछ चिन्ता अवश्य है।
लेकिन वह आवाजें इतनी मुखर नहीं है कि उससे एक आबादी का एक बड़ वर्ग इन चिन्ताओं से चिन्तित हो पाये।
भारत के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल वेणुगोपाल सोमानी का कहना है कि डेटा की "सावधानीपूर्वक जांच" के बाद मंजूरी मिली है।

उम्मीद की जा रही है कि पहले छह से आठ महीनों यानी अगस्त तक करीब 30 करोड़ लोगों को टीका लग जायेगा। यह काम खासा मुश्किल भी रहेगा।
टीकाकरण के इस काम में आने वाली चुनौतियों की तैयारी पर विश्वरतन का कहना है, "सरकार की तैयारी काफी है लेकिन इसमें भी शक नहीं कि जब काम शुरू होगा तभी सही स्थिति का आंकलन हो सकेगा।"
लेकिन ये चुनौतियां इतनी बड़ी नहीं हैं कि वह लक्ष्य को प्रभावित करें। भले ही 30 करोड़ का लक्ष्य अगस्त तक न पूरा हो, चाहे दिसम्बर तक चला जाये पर पूरा ज़रूर हो जायेगा।
भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भारत की इस उपलब्धि पर पूरे देश को बधाई दी है।
भारत भर में ड्राई रन 116 जिलों की 259 साइटों में आयोजित किया गया था। लगभग 96 हजार लोगों को इस प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
ऑस्ट्रेलिया में लोगों को दूसरों से कम से कम 1.5 मीटर दूर रहना चाहिए। अपने अधिकार क्षेत्र के प्रतिबंधों की जाँच सीमा पर करें। यदि आप सर्दी या फ्लू के लक्षणों का सामना कर रहे हैं, तो घर पर रहें और अपने डॉक्टर को बुलाकर परीक्षण की व्यवस्था करें या 1800 020 080 पर कोरोनवायरस स्वास्थ्य सूचना हॉटलाइन से संपर्क करें।समाचार और जानकारी sbs.com.au/coronavirus. पर 63 भाषाओं में उपलब्ध है।






