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'प्राकृतिक' किसानी से भीषण मौसम में भी लहलहा रहे भारतीय खेत

Climate Resilient Farming
Ratna Raju a farmer who is part of a collective who practice natural farming, harvests spinach at his farm in Pedavuppudu village, Guntur district of southern India's Andhra Pradesh state. The soil can absorb more water because it's more porous than pesticide-laden soil which is crusty and dry. Source: AP / Altaf Qadri/AP

भारत के आंध्र प्रदेश में किसान प्राकृतिक किसानी के नए तरीके अपना रहे हैं, जो उनकी फसल को बाढ़, तूफ़ान और सूखे जैसी भीषण मौसमी आपदाओं से बचाने में सक्षम हैं। गुड़ और गौमूत्र जैसे जैविक पदार्थों से ऐसी खाद बनायीं जाती है जो खाद, कीटनाशक, और भीषण मौसम-रोधक तीनों का काम करती है। आंध्र प्रदेश के 75,000 किसान इस नयी तकनीक का प्रयोग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है इन तकनीकों के हर मिट्टी के लिए उपयुक्त होने के कारण अब इनका विस्तार देश भर में होना चाहिए।


Published

By Essam Al-Ghalib

Presented by Vrishali Jain

Source: SBS


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भारत के आंध्र प्रदेश में किसान प्राकृतिक किसानी के नए तरीके अपना रहे हैं, जो उनकी फसल को बाढ़, तूफ़ान और सूखे जैसी भीषण मौसमी आपदाओं से बचाने में सक्षम हैं। गुड़ और गौमूत्र जैसे जैविक पदार्थों से ऐसी खाद बनायीं जाती है जो खाद, कीटनाशक, और भीषण मौसम-रोधक तीनों का काम करती है। आंध्र प्रदेश के 75,000 किसान इस नयी तकनीक का प्रयोग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है इन तकनीकों के हर मिट्टी के लिए उपयुक्त होने के कारण अब इनका विस्तार देश भर में होना चाहिए।


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