क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि जब आप सोचते हैं कि आपके अंदर जो एक कलाकार था वो कहीं दब सा गया है, तभी आपके सामने एक ऐसी कहानी आती है जो आपको उस कलाकार को फिर से ज़िंदा करने की प्रेरणा देती है? हरजोत के साथ कुछ ऐसा ही हुआ।
अक्सर ऐसा होता है कि आप अपने अंदर एक क्रिएटिव शख्स को देखते हैं. खासतौर पर एक कलाकार को चाहे वो किसी भी तरह की कला क्यों ना हो. और फिर ज़िंदगी की भागदौड़ में अपने अंदर की उस शख्सियत को दम तोड़ते देखना बहुत पीड़ादायक होता है लेकिन अक्सर ऐसा होता है.
लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो इतना वक्त निकाल लेते हैं कि उस शख्सियत को ज़िंदा रखा जाए. और कभी-कभी ऐसा भी होता है वहीं शख्सियत आपकी पहचान बन जाती है.
मुख्य बातें:
- भारतीय मूल के हरजोत सिंह इन दिनों कुछ शॉर्ट फिल्मों के जरिए ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय का मनोरंजन कर रहे हैं.
- हरजोत कहते हैं कि उन्होंने अपने शौक को वक्त दिया और सोशल वीडियो बनाने शुरू किए जो लोगों ने खूब पसंद किए.
- आज हरजोत के साथ करीब 15 लोग जुड़ चुके हैं.
अगर ये बातें आपको पहेली की तरह लग रही हैं तो मिलिए, हरजोत सिंह से.
सुनिए, हरजोत सिंह की कहानी उन्हीं की जबानीः
हरजोत भारत में पटियाला के रहने वाले हैं. वह साल 2004 में एक छात्र के तौर पर ऑस्ट्रेलिया आए थे. ज़ाहिर है उनकी आंखों में कुछ सपने थे. सपना यहां बसने का एक अच्छी ज़िंदगी पाने का.

हरजोत अब ऑस्ट्रेलिया में अच्छी तरह रच बस चुके हैं. ऐसे में उन्होंने अपने अंदर के कलाकार को एक मौका देने की सोची. पिछले कुछ वर्षों से वो अपनी परिवार के साथ सोशल वीडियो बना रहे थे. लेकिन अब उन्होंने उनके जैसे ही कुछ जुनूनी कलाकारों की एक टीम तैयार की है जिनके साथ वो अब शॉर्ट फिल्म बनाते हैं.
हरजोत कहते हैं कि उनके सभी विडियोज़ में एक सामाजिक संदेश होता है. और ये ही अब उनकी शॉर्ट फिल्मों में भी दिखायी देगा.
हालांकि हरजोत ने पहले भी सोशल वीडियो बनाए हैं लेकिन वह कहते हैं कि पेशेवर तरीके से काम करने में ज्यादा मेहनत तो लगती है लेकिन इसका अपना मज़ा है.
अब आते हैं उस महत्वपूर्ण बात पर जिसको लेकर अक्सर ये सवाल उठते हैं कैसे अपने शौक के लिए वक्त निकाला जाए.

हरजोत कहते हैं, "ये तो होता है कि आपको समय निकालना ही होता है. शायद कभी ऐसा भी होता है कि आपको परिवार का समय भी अपने जुनून को देना पड़े लेकिन जब उसका परिणाम सामने आता है तो सभी को प्रसन्नता होती है."
हाल ही में उनकी एक नई शॉर्ट फिल्म प्रदर्शित हुई है जिसे उन्होंने 'ब्लडी न्यू ईयर' नाम दिया है. वह कहते हैं कि ये एक हॉरर कॉमेडी है
हरजोत बताते हैं कि कलाकारों के साथ उनका काम बहुत ही हल्के-फुल्के माहौल में हो जाता है. उनके मुताबिक टीम अगर छोटी हो तो साथियों की अलग-अलग प्रतिभाओं का इस्तेमाल और एक दूसरे की मदद करना बहुत ज़रूरी होता है.
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ऑस्ट्रेलिया में लोगों को एक दूसरे से कम से कम 1.5 मीटर दूर रहना चाहिए। अपने अधिकार क्षेत्र के प्रतिबंधों की जाँच सीमा पर करें।
यदि आपको सर्दी या फ्लू के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो घर पर रहें और अपने डॉक्टर को बुलाकर परीक्षण की व्यवस्था करें या 1800 020 080 पर कोरोनोवायरस हेल्थ इंफॉर्मेशन हॉटलाइन से संपर्क करें।
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