28 सितम्बर 1929 को एक ऐसी सुर सम्राज्ञी का जन्म हुआ था जिसे सुनते हुए हिन्दुस्तान की 5 पुश्तें जवान हुई हैं|
भारतीय संगीत और सिनेमा के रसिकों के लिए इनका नाम खुद सरस्वती के नाम जैसा है|
भारतीय संगीत और सिनेमा से हलका-फुलका साबका रखने वाला भी इनके स्वर से अछूता नहीं है| हम बात कर रहे हैं पिछले सात दशक में तीस हज़ार गानों को अपनी आवाज़ से सजाने वाली अतुलनिय लता मंगेशकर की|
मुख़्य बातें:
- लता का जन्म गोवा के एक छोटे से गाँव मंगेश के दीनानाथ मंगेशकर के घर हुआ|
- पांच भाई बहनों में सबसे बड़ी लता की शुरूआती संगीत साधना पिता ने बाकी भाई बहनों के साथ घर पर ही शुरू करी|
- पिता उनके पहले गुरु रहे|
पिता उनके पहले गुरु रहे, और पहले गुरु ही अनुशासन के बड़े सख्त रहे| लेकिन पिता का यह साथ कच्ची उम्र में लता के हाथ से छूट गया|
पॉडकास्ट सुनें:
विख्यात संगीत अध्येता यतीन्द्र मिश्र से लता जी की सैंकड़ों घंटों लम्बी बातचीत के परिणाम स्वरुप ‘लता सुर गाथा’ किताब का जन्म हुआ, जिसे वाणी प्रकाशन ने छापा|
लता जी के जीवन पर आधारित इस किताब को सन 2017 में स्वर्ण कमल से नवाज़ा गया|
लता मंगेशकर के 91वें जन्मदिन पर भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें कॉल कर बात की साथ ही सोशल मीडिया पर ट्वीट कर उन्हें जन्मदिन की बधाईयां भी दीं.
लता मंगेशकर की बहन आशा भोसले ने भी अपनी बहन को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं।
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