आज धर्मेश चुडासमा गरबा नाइट्स में जाना माना नाम हैं.
२००५ में ऑस्ट्रेलिया आये धर्मेश इससे पहले दक्षिणी कोरिया में पांच साल रहे.
दक्षिणी कोरिया में उन्होंने भाषा के अल्वा स्थानिये संगीत और गीत भी सीखे.

२००८ के बाद से धर्मेश ने ऑस्ट्रेलिया के विंगिंन शहरों में विभिन्न सांस्कृतिक और सामुदायिक कार्यक्रमों में अपना हुनर दिखाया है.
भारतीये शास्त्री संगीत में प्रशिक्षित धर्मेश ने ऑस्ट्रेलिया में आयोजित एक समाहरोह में १ श्रीलंकन गीत को ५ भाषाओँ में गाकर सबको चौका दिया!

अपने टैलेंट के लिये वह स्वामीनारायण के आशीर्वाद और अपने परिवार ततः ऑस्ट्रेलिया के समुदाय को धन्यवाद देतें हैं!
मेलबोर्न स्तिथ धर्मेश के अबतक के सफर और संगीत में रूचि की कहानी जानने के लिये सुनिये उनकी अमित सारवाल के साथ यह ख़ास बातचीत एसबीएस हिंदी की लोकल टैलेंट सीरीज में!

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