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आधुनिक गुलामी और भारत

A child works outside at a local snack shop in Lucknow, India,
A child works outside at a local snack shop in Lucknow, India, Source: AAP-AP-Rajesh Kumar Singh

एंड्रु फॉरेस्ट की वॉक फ्री फाउन्डेशन - Walk Free Foundation का एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में इस समय आधुनिक गुलामी के शिकार लोगों की संख्या करीब 45.8 मिलियन से भी अधिक है। अनीता बरार के साथ बातचीत में, नन्दिता रॉय भारत में आधुनिक गुलामी की स्थिती पर, और वहाँ सरकार द्वारा बने कानूनों के बारे में जानकारी दे रही हैं।


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By Anita Barar

Source: SBS



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एंड्रु फॉरेस्ट की वॉक फ्री फाउन्डेशन - Walk Free Foundation का एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में इस समय आधुनिक गुलामी के शिकार लोगों की संख्या करीब 45.8 मिलियन से भी अधिक है। अनीता बरार के साथ बातचीत में, नन्दिता रॉय भारत में आधुनिक गुलामी की स्थिती पर, और वहाँ सरकार द्वारा बने कानूनों के बारे में जानकारी दे रही हैं।


एंड्रु फॉरेस्ट मानते हैं कि भारत ने इस दिशा में बहुत ही सराहनीय कदम उठाये हैं। खास तौर पर अभी कोई तीन माह पहले भारत सरकार ने एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग कानून के ड्राफ्ट का अनावरण किया जिसमें खास तौर पर पीड़ितों के लिये पुनर्स्थापन की दिशा में कदम उठाये गये हैं।

 

अनीता बरार के साथ बातचीत करते हुये , नन्दिता रॉय, जो कि एक प्रकाशित अकादिमियन, रिसर्च गाईड और विवेक कॉलेज ऑफ कॉमर्स की प्रिन्सीपल हैं, वह भारत में काम कर रही विभिन्न एनजिओज़ और भारत सरकार द्वारा बने विभिन्न कानूनों की जानकारी देते हुये बताती हैं कि किसतरह से, भारत सरकार इस समस्या की गम्भीरता को समझ कर लगातार इस दिशा में काम कर रही है और आवश्यक कदम उठा रही है। इसके अलावा वह, इस आधुनिक गुलामी की स्थिती के कारणों की भी चर्चा करती हैं।

 

एंड्रु फोरेस्ट की सूची में सभी 167 देशों में गुलामी की स्थिती पायी गयी लेकिन इनमें से 58 प्रतिशत सिर्फ 5 देशों में ही थे जिनमें भारत समेत चीन, पाकिस्तान, बंगलादेश,और उज़वेकिस्तान का नाम था।

और भारत में इस आधुनिक गुलामी की यह संख्या सबसे अधिक पायी गयी है।

 

 

 

 


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