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मोहम्मद रफी: एक बेमिसाल गायक

Mohamed Rafi

भारतीय सिनेमा के महानतम गायकों में से एक 'पद्मश्री' मोहम्मद रफ़ी Credit: Wikipedia Commons

हर संगीतकार की पसंद और अपनी आवाज को ‘खुदा की देन’ कहने वाले मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज की मधुरता, गहराई और रेंज से दूसरे गायकों के बीच ऐसी अलग पहचान बनाई कि दशकों बाद भी उनके गीतों की लोकप्रियता उसी तरह बरकरार है।


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By Anita Barar

Presented by Anita Barar

Source: SBS




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हर संगीतकार की पसंद और अपनी आवाज को ‘खुदा की देन’ कहने वाले मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज की मधुरता, गहराई और रेंज से दूसरे गायकों के बीच ऐसी अलग पहचान बनाई कि दशकों बाद भी उनके गीतों की लोकप्रियता उसी तरह बरकरार है।


सरल मन के सुरीले रफी साहब भले ही अब इस दुनिया में न हों, लेकिन उनके गाए गाने आज भी सदाबहार हैं।

आज भी रफी साहब , हर नये गायक के लिये एक आदर्श हैं और करोड़ों संगीत प्रेमियों के दिलों में बसते हैं।

Mahesh Yadav, a peace activist making a blood portrait of famous playback singer Mohd Rafi
Mahesh Yadav, a peace activist making a blood portrait of famous playback singer Mohd Rafi to pay him tributes Credit: ANI/ANI

'पद्म श्री' रफी साहब ने अपने क़रीब 4 दशक के फिल्मी करियर में 25 हज़ार से अधिक गाने गाये। उन्हें अपनी इस गायन यात्रा के दौरान 1 नेशनल अवार्ड और 6 फिल्मफेयर अवार्डस् मिले।

मोहम्मद रफी ने अपने करियर में हजारों सुपरहिट गाने गाए। और लगभग हर भारतीय भाषा के साथ-साथ उन्होंने कई विदेशी भाषाओं में भी गीत गाए थे।

संगीत ही उनकी आराधना थी। संगीतकार लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल के साथ अपना आखिरी गाना रिकार्ड कर वह घर पहुँचे और उसी दिन 31 जुलाई 1980 के दिन, हार्ट अटैक से 55 साल के मोहम्मद रफी इस दुनिया से विदा ले गये।

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