छोटे कद की लेकिन पिछली शताब्दी की एक बहुत बड़ी हस्ती मदर टेरीसा को 4 सितम्बर के दिन, एक संत की उपाधी से नवाजा़ गया।
नोबल पुरस्कार से सम्मानित और अलबीनिया में जन्मी मदर टेरीसा ने अपना सारा जीवन भारत, कोलकता में गरीबों का सेवा में लगा दिया।
अपने चाहने वालों के लिये वह हमेशा से ही एक संत थी। लेकिन उनके आलोचकों के निये वह एक रूढ़ीवादी कैथोलिक थी।
मदर टेरीसा को सभी लोगों का समर्थन प्राप्त था।
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