आपके टॉयलेट तक के लिए है यहां नई तकनीक़

Charmin a robot for toilet

Source: Reuters

क्या आप कभी इस परिस्थिति में फंसे हैं कि आप टॉयलेट में हों और वहां टिशू पेपर ख़त्म हो गया हो, और आवाज़ देने पर भी आपकी कोई नहीं सुन रहा.,तो आप के लिए आ रहा है एक मददगार.


आप अपनी दिनचर्या में तकनीक का कितना प्रयोग करते हैं. जरा सोचिए. अब आप कहेंगे कि लगभग सभी चीज़ें जिनका आप दिन भर में प्रयोग करते हैं वो तक़नीक का हिस्सा ही तो हैं, आप बिल्कुल सही हैं.

अब हम दूसरा सवाल थोड़ा बदल रहे हैं. सवाल ये कि क्या आप रोज़मर्रा की ज़िंदगी में नई तकनीक ढूंढते हैं. क्या आपको लगता है कि काश यहां कुछ ऐसा होता जो अपने आप चीज़ें पूरी कर लेता.. तो ज़िंदगी आसान हो जाती. तो बताइये कहां और किस बात के लिए आपको नई तकनीक चाहिए और अगर आप अपने घर के बारे में सोचें तो फिर किस जगह के लिए ?

ज़ाहिर है आपके किचन के लिए, बैडरूम के लिए, किड्स रूम के लिए. अच्छा ये बताइये कि वो जगह किसने सोची है जो कमरा घर में सबसे छोटा होता है और लोग यूं उसके बारे में बात करना पसंद नहीं करते. जी हां हम टॉयलेट की ही बात कर रहे हैं.

वैसे शर्म की बात क्या है. भई जिस टॉयलेट से दिन की शुरूआत होती हो वो महत्वपूर्ण तो होना ही चाहिए. आप इसे कितना महत्व देते हैं ये पता नहीं लेकिन विश्व के सबसे बड़े कंज्यूमर टैक्नोलॉजी एक्सपो में इसे ख़ास तरजीह दी गई है.

लास वैगस में 10 जनवरी तक चलने वाले इस वार्षिक सी ई एस कंज्यूमर टैक्नोलॉजी एक्सपो में 175 हज़ार से ज्यादा लोगों के पहुंचने की संभावना जताई गई थी. इस प्रदर्शनी में साढ़े चार हज़ार के करीब प्रदर्शनकर्ता आए थे. जिनके पास थे हाई टैक उपकरण और  इनमें कुछ टॉयलेट के लिए भी थे.

प्रौक्टर एंड गैंबल के ग्रेग वीवर एक समस्या के समाधान के साथ आए थे. हो सकता है आप में से किसी ने इस समस्या के बारे में शायद कभी सोचा ही ना हो. उनके पास था शारमिन रोबोट वो कहते हैं.

जब आप टॉयलेट में हों और आप अचानक देखें कि टॉयलेट पेपर ख़त्म हो गया है, और आपकी चीख-पुकार कोई नहीं सुन रहा हो तो आप अपने स्मार्ट फोन में एक एप के ज़रिए शारमिन रोबोट को बुला सकते हैं जो कि आपके लिए टिशू रोल लेकर पहुंच जाएगा.

श्री वीवर कहते हैं कि वो अपना ज्यादा समय उपभोक्ताओं के साथ व्यतीत करते हैं ये जानने के लिए कि वो अपने उत्पाद को कैसे बेहतर बना सकते हैं. वो कहते हैं कि शारमिन रोबोट सामान्य परेशानियों का हल है. प्रोक्टर एंड गैम्बल के चीफ ब्रैंड ऑफीसर मार्क पिचार्ड कहते हैं कि कार कंपनियों के पास कॉन्सेप्ट कार हैं और प्रौक्टर एंड गैम्बल के पास कॉन्सेप्ट बाथरूम हैं.

पिछले साल जापान की ट्रिपल-डब्लू कंपनी ने डिज़िटल हैल्थ और फिटनेस कैटेगरी में ब्लैडर सेंसर के लिए बैस्ट ऑफ सीईएस पुरस्कार जीता था. इस साल भी कंपनी में मार्केटिंग विभाग के वाइस प्रेसीडेंट टाई टकायानागी नए वेयरेबल डिवाइस डीफ्री बी-1 के ज़रिए उस सफलता को दोहराना चाहते हैं. वो कहते हैं कि

ये एक छोटा सा सेंसर है जो आपके पेट में चिपका रहेगा और आपकी आंतों को मॉनीटर करेगा. ये बताएगा कि कब आप टॉयलेट जाने के लिए तैयार हैं.

ये डिवाइस आपके स्मार्ट फोन में एक एप के ज़रिए आपको सचेत करता है.

क्यों पसंद आ रहे हैं ना ये नए उपकरण. अच्छा अगर अभी तक कुछ भी पसंद नहीं आया तो. शायद अमेरिका की एक फर्म टोटो द्वारा तैयार की गई ये हाईटैक टॉयलट सीट आपको पसंद आ जाए. वॉशलेट एक ऐसा यूनिट है जो कि किसी भी सामान्य टॉयलेट सीट के ऊपर फिट होता है. ये न केवल बैठने में आराम दायक है बल्कि इसमें सफाई के लिए पानी का जैट भी लगा होता है. 

सीईएस में कई और भी गैजेट्स हैं जो कि उन परेशानियों को हल करने के लिए बनाए गए हैं जिन्हें आपने कभी सोचा भी नहीं होगा कि इन्हें भी परेशानियों में गिना जा सकता है.

यंग कैंग एक कोरियन कंपनी स्मार्टरियुबैंग-ई के मार्केटिंग मैनेजर हैं. और पता है ये कंपनी इस एक्सपो में क्या लेकर पहुंची थी. बदबूदार जूतों का हल .

अच्छा अब मिलिए उनसे जिन्हें ना तो टॉयलट पेपर की ज़रूरत है और ना ही इनके जूतों से कभी बदबू आती है.. इनका नाम है नियोन.. और नियोन हैं एक कृत्रिण मानव. नियोन के डेवलपर कहते हैं कि हो सकता है कि नियोन कभी आपके अध्यापक, डॉक्टर, एक सहायता करने वाले पुलिस अधिकारी या फिर पार्क रैंजर के तौर पर दिखायी दें. या फिर आपके योग गुरु के तौर पर.

नियोन के सीईओ का नाम है प्रणव मिस्त्री. उनका विज़न है कि भविष्य में नियोन्स इतने मनुष्य की तरह हो जाएं कि ङम लोग उनसे उस तरह ही बात कर सकें जैसे हम वास्तविक लोगों से करते हैं. श्री मिस्त्री भविष्य में नियोन्स को हर जगह देखते हैं बिल्कुल ऐसे कि जैसे वो हमारी ज़िंदगी का ही हिस्सा हों.


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