लेखिका निम घोलकर चर्चा कर रही हैं कुमुद मिरानी के साथ अपनी नव प्रकाशित पुस्तक 'डायरी ऑफ़ ऐन इम्मीग्रेंट ब्राइड" के बारे में। जब वे एक नए प्रवासी के तौर पर ऑस्ट्रेलिया आईं तो उन्हें बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जैसे की अक्सर प्रवासियों के साथ होता ही है ! इस विषय पर कोई किताब खोजने निकलीं तो उनके हाथ कुछ न लगा। बस फिर क्या था उन्होंने ये किताब लिख डाली।
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