भीषण आग के बाद अब बाढ़ की मार
पहले आग और अब बाढ़, बेटमैन्स बे के दक्षिणी इलाके के लोगों ने बहुत कम समय में दो-दो विभीषिका झेली हैं. 6 हफ्ते पहले ही जहां आग की लपटें थीं वहीं आज हरी घास के ऊपर से पानी बह रहा है. यहां के एक डेरी मालिक पीटर लेविस के लिए ये बड़ी अजीब से स्थिति है. हालांकि बारिश ने कुछ नुकसान पहुंचाया है लेकिन वो कहते हैं ये ज़रूरी थी.
उम्मीद की जा रही हैं कि इस इलाके में लोगों की ज़िंदगी इस हफ्ते दोबारा पटरी पर लौटेगी. अच्छी बात ये है कि यहां बिजली की सप्लाई बहाल कर दी गई है. बिजली ना होने की वजह से पिछले 6 सप्ताह से पीटर को दिन में दो बार दूध बाहर फेंकना पड़ रहा था, वो भी हर रोज़.
लेकिन कुछ दूसरी तरह के किसान भी हैं जिनके लिए ये बारिश जश्न मनाने का मौका नहीं है. आग की तबाही के बाद बारिश से क्लाइड नदी में राख और मलबा बह रहा है. ये इलाका सीपी उत्पादन का बड़ा क्षेत्र है. रॉड टैरी जैसे कुछ उत्पादक अब उन टोकरियों का इकट्ठा कर रहे हैं. जो बाढ़ की वजह से टूट गई हैं. इससे पहले आग की तबाही में रॉड टैरी व्यापार के लिए तैयार किया गया पूरा ढांचा खो चुके हैं. और अब ये बाढ़ उनके लिए दोहरा धक्का है.
इस बाढ़ के और भी दूसरे ख़तरे हैं. राज्य की आपात सेवा ने कई बचाव अभियान को अंजाम दिया है. जिसमें बेगा इलाके में एक शख्स अपनी जान बचाने के लिए पेड़ से लिपटा पाया गया था. वो इसी स्थिति में करीब 10 घंटों तक फंसा रहा था.

दमकल कर्मियों ने किया बारिश का स्वागत
हालांकि स्थानीय दमकल सेवा कर्मियों ने इस बारिश का स्वागत किया है. शोलहावेन आर एफ एस से मार्क विलियम्स ने बताया कि कुरोवान की आग को आधिकारिक तौर पर समाप्त घोषित किए जाने के बाद से दमकल कर्मी जश्न मना रहे हैं.
सिडनी के लिए भी खुशी लेकर आई बारिश
हालांकि इस बारिश से सिर्फ दमकल कर्मी ही खुश नहीं है. ये बारिश एक और खुशी सिडनी के उन लोगों के लिए भी लेकर आई है. जो कि पिछले कई महीनों से पानी के इस्तेमाल को लेकर प्रतिबंध झेल रहे हैं. खबर है कि सिडनी को पानी की आपूर्ति करने वाला सबसे बड़ा बांध वारंगम्बा बांध में पानी बढ़कर 69 फीसदी तक पहुंच गया है. उम्मीद जताई जा रही है कि बारिश की संभावना के बीच बांध में पानी का स्तर अगले सप्ताह तक 75 फीसदी तक पहुंच सकता है.

करीब 80 फीसदी सिडनी को पानी की आपूर्ति करने वाले इस बांध में केवल 11 फरवरी यानी बीते मंगलवार के रोज़ ही 8 फीसदी पानी का इज़ाफा हुआ. पिछले सप्ताह की भारी बारिश से न्यू साउथ वेल्स के कुछ बांध लबालब भर गए हैं. हालांकि अब तक पानी के इस्तेमाल पर जारी प्रतिबंध हटाने की घोषणा नहीं की गई है.




