२०१५ में मुंबई के रहने वाले सौरभ भंडेरकर ने साल्ज़बर्ग ऑस्ट्रिया में हुई एक अंततराष्ट्रीय Red Bull Paper Wings प्रतियोगता में भारत का प्रतिनिधित्व किया.
कागज़ के हवाई जहाज़ बन कर उड़ाने के खेल को कई नामों से जानो जाता है पर हम बचपन से इसे पेपर एयरप्लेन ही बोलतें हों!
यह बच्चों का खेल अब अंतरष्ट्रीय स्पर्धा बन गया है!

प्राचीन चीन और जापान में तो कागज़ के हवाई जहाज़ बनाने की कला व्यापक थी.
ऐसा मना जाता है की जापान की ओरिगामी कला ही आगे चल कर ऐरोगमी बन गयी.
२०१५ में मुंबई के रहने वाले सौरभ भंडेरकर ने साल्ज़बर्ग ऑस्ट्रिया में हुई एक अंततराष्ट्रीय Red Bull Paper Wings प्रतियोगता में भारत का प्रतिनिधित्व किया.

यहाँ लगभग ८६ देशों से आये प्रतिद्वंद्वीयो को दूरी, समय और हवाई करतब के मापदंडों पर आजमाया गया.
इस प्रतियोगिता और भारत में पेपर प्लेन्स की तरफ बढ़ती रुचि के बारे में अधिक जानने लके लिये सुनिये अमित सारवाल की सौरभ भंडेरकर के साथ यह ख़ास मुलाकात!






