आग से जूझने वालों को छुट्टी का तोहफा और स्वयंसेवियों को?

NSW Rural Fire fighters establish a backburn  in Mangrove Mountain, New South Wales.

Source: AAP

देश भर में भीषण आग लगने की घटनाओं से प्रभावित सार्वजनिक सेवा के कर्मचारियों को केंद्र सरकार ने छुट्टी की राहत देने की योजना बनाई है. ये वो लोग हैं जो कई हफ्तों से आग बुझाने या प्रभावितों की मदद में लगे हैं.


ज़ाहिर है लगातार आपात स्थिति में काम करने से सार्वजनिक क्षेत्र के ये कर्मचारी थक गए हैं. सरकार का कहना है कि ये वैतनिक अवकाश होगा.हालांकि इस बारे में बात भी की जा रही थी कि क्या इस थका देने वाली सेवाओं के लिए इन लोगों को किसी तरह का कोई मुआवज़ा दिया जाएगा.

प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन ने इस बाबत सभी कॉमनवेल्थ पब्लिक सर्विस के सर्वोच्च अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आग से जूझने में सहायता करने वाले कर्मचारियों को कम के कम 20 कार्य दिवसों का वैतनिक अवकाश दिया जाए. या फिर 28 कैलेंडर दिन का. इस छुट्टियों के खर्च का वहन ये एजेंसियां ही करेंगी, श्री मॉरीसन का कहना है कि पिछले दिनों उत्पन्न परिस्थितियों में जिस तरह से सार्वजनिक सेवा के कर्मचारियों ने काम किया है. वो उन्हें आस्ट्रेलियाई रक्षा बलों के कतार में खड़ा करता है.

Prime Minister Scott Morrison speaks with volunteers while visiting the relief centre in Lobethal, South Australia, Tuesday, December 24, 2019. The Prime Minister is touring fire affected areas in South Australia. (AAP Image/Kelly Barnes) NO ARCHIVING
Scott Morrison speaks with volunteers while visiting a relief centre in South Australia Source: AAP

लेकिन अब सवाल ये उठता है कि क्या स्वयंसेवा कर रहे लोगों को भी इस तरह का कोई मुआवज़ा मिलेगा. क्योंकि ज्यादातर स्वयंसेवी जो कि पिछले दिनों भयानक आग से लड़ रहे थे. कॉमनवेल्थ की सार्वजनिक सेवा विभागों में काम नहीं करते .

न्यू साउथ वेल्स वॉलंटियर फायर फाइटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मिक हॉल्टन का कहना है कि उनके कई सदस्य आग वाली जगहों पर पहुंचने के लिए पैट्रोल पर बड़ी रक़म खर्च कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि धुएं से बचने के लिए मास्क के लिए भी उन्हें लोगों से पैसे मिल रहे हैं. नाइन नेटवर्क से बातचीत में श्री हॉल्टन ने कहा कि वो अपने कुछ स्वयंसेवियों के लिए चिंतित हैं.

स्वयंसेवियों को मुआवज़ा देने की बात एंथनी एल्बनीज़ी के बयान के बाद उठी है इस बयान में उन्होंने सरकार से स्वयंसेवियों को विशेष भुगतान, या विशेष वैतनिक अवकाश, और टैक्स में रियायत देने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि कई स्वयंसेवियों ने पिछले एक महीने से कुछ भी नहीं कमाया है क्योंकि वो आग बुझाने और राहत के काम में लगे हैं.

A CFS volunteer gives a koala a drink of water from a bottle, as firefighters battle the Cudlee Creek, South Australia, bushfire.
A CFS volunteer gives a koala a drink of water from a bottle, as firefighters battle the Cudlee Creek, South Australia. Source: CFS

हालांकि न्यू साउथ वेल्स क्षेत्रीय फायर सर्विस के कमिश्नर शेन फित्ज़ सिमोन्स स्वयंसेवियों को भुगतान के विचार की आलोचना करते हैं. उन्होंने वॉलंटियर फायर फाइटर्स एसोसिएशन और उसके अध्यक्ष श्री हॉल्टन पर भी सवाल खड़े किए हैं. हालांकि केंद्र सरकार ने भी इस बात पर सहमति जताई है कि किसी भी तरह का भुगतान स्वयंसेवा की भावना के खिलाफ़ होगा. हालांकि आरएफएस का कहना है कि आग लगने की जगह पर जो लोग दिखाई दे रहे हैं उनमें से 90 फीसदी लोग स्वयंसेवी हैं जिन्हें कि कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है. जो कि अपनी समुदाय की सहायता के लिए खुद आए हैं. 

स्वयं सेवा का ये मॉडल देश के सभी राज्यों या टेरीटरीज़ में आम है. और हमेशा से प्रभावी रहा है. लेकिन इस साल आग के ये दौर बेहद भयावह रहा है जिसके कई कारण हो सकते हैं जिनमें जलवायु परिवर्तन भी एक बड़ा कारण है. जिस वजह से साज़ के शुरूआत में से कई कई जगहों पर आग लगने की घटनाए सामने आने लगी थीं

 


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