मेलबोर्न के युवा आइकॉन पुनीत गुलाटी कविता और साहित्य को पहुंचाना चाहते हैं अन्य युवाओं तक। उनका कहना है की कभी कभी साहित्यिक भाषा युवाओं के लिए इतनी कठिन होती है, की वो उस से किनारा कर जाते हैं। पुनीत सरल हिंदी में कविता करते हैं और युवाओं को लुभाने के लिए उसे वीडियो क्लिप्स पर उतारते हैं. आइये सुनते हैं पुनीत की प्रेरणा के बारे में और उनकी कविता खलिश्क !
मेलबोर्न के युवा आइकॉन पुनीत गुलाटी कविता और साहित्य को पहुंचाना चाहते हैं अन्य युवाओं तक। उनका कहना है की कभी कभी साहित्यिक भाषा युवाओं के लिए इतनी कठिन होती है, की वो उस से किनारा कर जाते हैं। पुनीत सरल हिंदी में कविता करते हैं और युवाओं को लुभाने के लिए उसे वीडियो क्लिप्स पर उतारते हैं. आइये सुनते हैं पुनीत की प्रेरणा के बारे में और उनकी कविता खलिश्क !