Raja Dinker Kelker Museum Source: Miteshbhodia-wikimedia
भारत के पूना में पद्मश्री बाबा दिनकर केलकर का यह संग्राहलय, भारतीय संस्कृती और परम्परा को जीवित रखने के लिये, एक अकेले व्यक्ति द्वारा उठाये एक कदम का उदाहरण है । अपने पुत्र के नाम पर रक्खे इस संग्राहलय को उन्होंने 1975 में महाराष्ट्र सरकार को सोंप दिया था ।इस संग्राहलय में मुगल और मराठा समय और उससे भी पूर्व के समय की अनोखी तथा अमूल्य वस्तुयें जैसे कि विभिन्न प्रकार के अलंकारित दरवाजे, पेंटिंगस्, साज, लेम्पस्, जेवर . पानदान आदि हैं । इस संग्राहलय में, 1734 में बने मूल मस्तानी महल का प्रतिरूप या छवि देखने लायक ह । अनीता बरार द्वारा एक प्रस्तुती ...
भारत के पूना में पद्मश्री बाबा दिनकर केलकर का यह संग्राहलय, भारतीय संस्कृती और परम्परा को जीवित रखने के लिये, एक अकेले व्यक्ति द्वारा उठाये एक कदम का उदाहरण है । अपने पुत्र के नाम पर रक्खे इस संग्राहलय को उन्होंने 1975 में महाराष्ट्र सरकार को सोंप दिया था ।इस संग्राहलय में मुगल और मराठा समय और उससे भी पूर्व के समय की अनोखी तथा अमूल्य वस्तुयें जैसे कि विभिन्न प्रकार के अलंकारित दरवाजे, पेंटिंगस्, साज, लेम्पस्, जेवर . पानदान आदि हैं । इस संग्राहलय में, 1734 में बने मूल मस्तानी महल का प्रतिरूप या छवि देखने लायक ह । अनीता बरार द्वारा एक प्रस्तुती ...