नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर भारत में जारी बहस ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के लोगों को बी प्रभावित कर रही है. इसी कड़ी में इसके खिलाफ़ और समर्थन में पिछले दिनों ऑस्ट्रेलिया भर में कई प्रदर्शन हुए. समझिए क्या कहते हैं समर्थक.
भारत में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर घमासान मचा हुआ है. विरोधी इसे संविधान विरोधी और एक धर्म विशेष के ख़िलाफ़ करार दे रहे हैं और सरकार व समर्थकों का कहना है कि ये न तो भारत में रहने वाले किसी धर्म विशेष के खिलाफ़ है बल्कि ये भारत के लिए ज़रूरी कानून है.
विरोध और समर्थन की ये बहस सीमाओं को पार करती हुई ऑस्ट्रेलिया भी आ पहुंची है. ऑस्ट्रेलिया में कई जगहों पर सी ए ए के विरोध में हुए प्रदर्शनों के बाद अब भारतीय समुदाय के कई लोग समर्थन में भी आए हैं.इसको लेकर रविवार पर्थ में एक मार्च निकाला गया.

इसके अलावा बीते हफ्ते मेलबर्न और सिडनी में भारतीय समुदाय के एक तबके ने नए नागरिकता कानून के प्रति समर्थन में मार्च निकाला. सिडनी के पश्चिमी सबर्ब पैरामाटा में एक जनसभा हुई जहां लोगों ने भारत माता की जय के नारे भी लगाए. प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाली धर्मेंद्र मोदी ने बताया कि भारतीय समुदाय ने सीएए के समर्थन के साथ ही लोगों से बुशफायर त्रासदी से पीड़ित लोगों की मदद करने की भी अपील की.





