हाफिज़ अपनी पत्नी और बच्चों को पाकिस्तान में ही छोड़ कर यहाँ एक बोट से कोई 4 साल पहले आये थे। पहले वह एक डिटेन्शन सेन्टर में रहे और बाद में वीजा मिल जाने के बाद, वह दक्षिष आस्ट्रेलिया के एक छोटे से शहर नारुकोर्ट मे जा कर काम की तलाश करने लगे।
उनके पास जो बचत थी वह काफी रही एक रेस्टोरेन्ट खोलने के लिये। यह था.. पर्ल इन्डियन कुजीन।
उस शहर में अपने काम और स्वभाव से वह सबके लिये प्रेरणा बन गये हैं।
वह जो कभी स्वम काम की तलाश में थे, आज, दूसरों को काम दे पा रहे हैं। इसके अलावा वह का तरह के वालन्ट्यर कामों में भी जुड़े हैं। फायर फाइटरस् के लिये वह खाना बना कर एक तरह से उनके काम में अपना योगदान देते हैं। साथ ही अपने हज़ारा समुदाय के लिये एक परिवार भी बन गये है।
नारुकोर्ट की मेयर उनके योगदान की बहुत सराहना करती हैं।