ऑस्ट्रेलिया में आप बढ़ती चुभती गर्मी की शिकायत करते लोगों से मिल ही जाते होंगे. लेकिन, गर्मी अभी और बढ़ेगी. इस वक्त धरती एक डिग्री की ग्लोबल वॉर्मिंग झेल रहे हैं. 2015 पैरिस क्लाइमेट समझौते में दो डिग्री की कमी का लक्ष्य तय किया गया है. लेकिन रिसर्चर्स ने मौजूदा क्लाइमेट मॉडल्स और मौसम विभाग के आंकड़ों के इस्तेमाल से एक अनुमान लगाया है कि आने वाले सालों में ऑस्ट्रेलिया का तापमान बढ़ेगा. प्रमुख शोधकर्ता डॉ. सोफी लेविस कहती हैं कि जानकारियां चेताने वाली हैं. उन्होंने बताया, “ये तो हम पहले ही जानते हैं कि हमारे शहरों में गर्मियों के मौसम में हीटवेव चलती है. उस दौरान अस्पतालों में ज्यादा लोग भर्ती होते हैं. आग लगने की घटनाएं ज्यादा होती हैं. और अगर तापमान भविष्य में और बढ़ता है तो क्या हाल होगा.”
जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में छपे इस अध्ययन को ऑस्ट्रेलियन नैशनल यूनिवर्सिटी ने तैयार किया है. इसके मुताबिक न्यू साउथ वेल्स के तापमान में रिकॉर्ड 3.8 डिग्री तक की वृद्धि हो सकती है. मेलबर्न यूनिवर्सिटी के क्लाइमेट साइंटिस्ट डॉ. ऐंड्र्यू किंग कहते हैं कि विक्टोरिया का तापमान 2.3 डिग्री तक बढ़ सकता है. वह कहते हैं, “मेलबर्न और सिडनी में अक्सर 40 डिग्री हो जाता है. लेकिन ग्लोबल वॉर्मिंग का असर दिखेगा और तापमान 50 डिग्री तक जा सकता है.”
हालांकि डॉ. किंग कहते हैं कि ऐसे ज्यादा तापमान वाले दिन बढ़ेंगे जरूर, लेकिन बहुत ज्यादा नहीं होंगे. लेकिन इतना तापमान बढ़ता है तो असर सिर्फ गर्मी पर नहीं होगा. डॉ. लेविस कहती हैं कि तापमान बढ़ने के नतीजे हर क्षेत्र में नजर आएंगे. तो रिसचर्स की चेतावनी है कि ऑस्ट्रेलिया के लोग भयंकर गर्मी के लिए तैयार हो जाएं. वह कहते हैं कि जिंदगी मुश्किल होने वाली है और लोग तैयार रहें.
