Pandit Shiv Kumar Sharma during an exclusive interview with Hindustan Times at Vrindaban, Versova, on November 11, 2016 in Mumbai, India. Source: Aalok Soni/Hindustan Times via Getty Images
पद्म भूषण, पद्म श्री और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित विश्वविख्यात पंडित शिव कुमार शर्मा ने लोक वाद्य संतूर को रागों, शास्त्रीय संगीत की जटिल दुनिया से जोड़ दिया। संतूर को उन्होंने न सिर्फ लोकप्रिय बनाया ब्लकि विश्व भर में उसकी पहचान बना दी। पंडित शिव कुमार शर्मा जी ने पंडित हरि प्रसाद चौरसिया के साथ मिलकर ‘शिवहरि’ के नाम से कई हिन्दी फिल्मों में लोकप्रिय संगीत दिया। दशकों तक, उनके संतूर के तारों ने एक अनूठी झंकार छेड़ी। उनका संगीत आने वाली पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध करता रहेगा। इस पॉडकास्ट में सुनिये संतूर सम्राट के प्रति श्रद्धांजलि।
पद्म भूषण, पद्म श्री और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित विश्वविख्यात पंडित शिव कुमार शर्मा ने लोक वाद्य संतूर को रागों, शास्त्रीय संगीत की जटिल दुनिया से जोड़ दिया। संतूर को उन्होंने न सिर्फ लोकप्रिय बनाया ब्लकि विश्व भर में उसकी पहचान बना दी। पंडित शिव कुमार शर्मा जी ने पंडित हरि प्रसाद चौरसिया के साथ मिलकर ‘शिवहरि’ के नाम से कई हिन्दी फिल्मों में लोकप्रिय संगीत दिया। दशकों तक, उनके संतूर के तारों ने एक अनूठी झंकार छेड़ी। उनका संगीत आने वाली पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध करता रहेगा। इस पॉडकास्ट में सुनिये संतूर सम्राट के प्रति श्रद्धांजलि।
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