चाहे बात किसी घटना को रिपोर्ट करने की हो या गाड़ी को रोक कर ब्रेथ टैस्ट देने की हो, रोज़मर्रा के जीवन में, हम सभी को पुलीस के दर्शन तो हो ही जाते हैं। नये शरणार्थियों और प्रवासियों के लिये यह खासा डराने वाला अनुभव होता है क्योंकि उनके अपने देश में, पुलीस के साथ उनका कोई अच्छा अनुभव नहीं होता। एैसे में, परस्पर विश्वास बढ़ाने के लिये, पुलीस ने शुरू की है एक योजना - कॉफी विध ए कॉप.इसी का बारे में जानकारी प्रस्तुत कर रही हैं अनीता बरार...
बपुत से शरणार्थी जो युद्ध ग्रस्त क्षेत्रों से आस्ट्रेलिया आते हैं वह अक्सर पुलीस से डर जाते हैं कियोंकि उनके अपने देश में पुलीस के साथ उनका अनुभव अच्छा नहीं रहा होता। पुलीस के देख कर वह असहज से हो जाते हैं।
इसी को देखते हुये NSW में पुलीस ने यह योजना शुरू की है कॉफी विध ए कॉप ।
इसके तहत, फेयरपील्ड स्कूल में, कोई 50 रिपूजी, स्कूल के बच्चे, समुदाय के लोगों ने, पुलीस अधिकारियों के साथ एक अनौपचारिक कॉफी कप पर मुलाकात की। पुलीस ने सबके साथ बातें की, फोटो खिचवायीं और अपनी गाड़ियाँ भी अन्दर बाहर से दिखायीं।
इसके अलावा पुलीस ने घटना रिपोर्ट करने आदि पर विस्तृत जानकारी दी।
सब मिलेकर, सबके लिये यह एक सुखद अनुभव रहा। और उम्मीद बंध गयी है कि लोग पुलीस के प्रति अपने मन में बैठे डर को दूर भगा देगे।
NSW में पुलीस ने अब इस प्रोग्राम को सफलता पू्र्वक आगे बढ़ा रही है।




