जब हम बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहाक की बात सुनते हैं तो हमारा ध्यान जाता है कि शायद, शारीरिक दुर्व्यवहार की बात हो रही है लेकिन यह अनुचित व्यवहार सिर्फ शारीरिक ही नहैं ब्लकि कई तरह का हो सकता है। और इसमें सबसे अधिक सामान्य तौर पर देखा जाता है - आर्थिक रूप से दुर्व्यवहार। यानि किसी बुजुर्ग के पैसे चुरा लेना, उसकू वसीहत बदलना या झूठे हस्ताक्षर कर लेना।
और इसके अलावा, बुजुर्ग, मनौवैज्ञानक रूप से, भावात्मक स्तर पर और यहाँ तक कि यौन दुर्व्यवहार से भी पीड़ित हो सकते हैं।
बुजुर्ग जो कि भाषा की वजह से अक्सर एक सामाजिक अलगाव की स्थिती में आ जाते हैं और एसे में वह आसानी से प्रताड़ना के शिकार बन जाते हैं। और अक्सर उनके घर के ही लोग उनकी संवेदनशील स्थिती का फायदा उठाते हैं। और वह अनुचित व्यवहार का शिकार होते हैं।
आवश्यक है कि इस विषय में बात की जाय और हेल्प लाइन से सहायता ली जाये। वहाँ अनुवादक की सुविधा भी उपलब्ध होती है।
अगर फोन करना संभव लहीं है तो अपने डाक्टर, अपनी धार्मिक आस्था के प्रमुख या अपने किसी दोस्त जिस पर विश्वास हो उससे बात की जाये।
आप एजड केयर की वेबसाइट पर जा कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।



