ऑस्ट्रेलिया की सबसे गर्म गर्मी का मौसम ज़रूर गुज़र गया हो, लेकिन मौसम विज्ञान ब्यूरो ऑफ ऑपरेशनल क्लाइमेट सर्विसेज के प्रमुख डॉ एंड्रू वाटकिंस , को उम्मीद है कि कूलर ला नीना मौसम की घटना के बावजूद, हम अभी भी इस गर्मी में हीटवेव का अनुभव करेंगे।
मुख्य बातें :
- अन्य प्राकृतिक आपदाओं की तुलना में अधिक ऑस्ट्रेलियाई लोग अत्यधिक गर्मी की घटनाओं से मर रहे हैं।
- लंबे समय तक उमस भरी गर्मी के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
- आंकड़े बताते हैं कि 2018-19 की गर्मियों के दौरान सनबर्न की वजह से अस्पताल में आधे बच्चे थे।
डॉ एंड्रू वाटकिंस, का कहना है कि यह गर्मी 2019 की तरह झुलसाने वाली नहीं होगी, जो ऑस्ट्रेलिया का रिकार्डेड सबसे गर्म और सूखा वर्ष था।
आगामी हीटवेव इस गर्मी में घातक होने के साथ लंबे समय तक रह सकती है, जो वास्तव में मानव स्वास्थ्य पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है।
साउथ ऑस्ट्रेलिया में रेड क्रॉस के राज्य आपातकालीन सेवा प्रबंधक निक बैंक्स कहते हैं वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चला है कि गर्मी घातक हो सकती है और गर्मी के दिनों में लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।
ऑस्ट्रेलिया में बाढ़, झाड़ियों या चक्रवात जैसी अन्य आपदाओं की तुलना में हीटवेव के परिणामस्वरूप अधिक लोग मारे गए हैं।
उनका कहना है कि जिन लोगों को अधिक जोखिम है, उनमें वृद्ध लोग, गर्भवती महिलाएं, बच्चे, विकलांग या पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्या और दवाई लेने वाले लोग शामिल हैं।
ऑस्ट्रेलिया दुनिया की त्वचा कैंसर की राजधानी बनी हुई है।
शोध से पता चलता है कि आजीवन उल्ट्रावॉइलेट के उच्च स्तर की वजह से 70 साल ताक आते आते हर तीन में से दो ऑस्ट्रेलिआई त्वचा कैंसर से ग्रस्त हो जाते हैं, चाहे उनकी त्वचा का प्रकार कैसा भी हो।

कुछ सरल उपायों से लोग सूरज से अपने घर की रक्षा कर सकते और घर के अंदर का तापमान ठंडा रखने के लिए किसी भी प्रकार की छाया का इस्तेमाल कर सकते हैं।
बैंक बार-बार पानी पीने की सलाह देते हैं भले ही आपको प्यास न लगी हो।
शराब, चाय या कॉफी या चीनी पेय नहीं बल्कि पानी पियें क्योंकि यह सुनिश्चित करने के लिए सबसे अच्छा है कि लोग हाइड्रेटेड रहें।
मेलबर्न के रॉयल चिल्ड्रन हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेवा के निदेशक डॉ वॉरविक टीग का कहना है कि हीट स्ट्रोक को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए क्योंकि इसकी वजह से शरीर में अंगों को नुकसान पहुंचना शुरू हो सकता है और एक चिकित्सा आपात स्थिति भी आ सकती है।
गर्मी के तनाव के संकेतों में शामिल हैं:
- कमजोर या तेजी से नाड़ी चलना
- हल्की सांस लेना
- सिर चकराना
- मांसपेशियों में ऐंठन
- बोलने में दिक्कत
- चलने फिरने में दिक्कत
- आक्रामकता सहित असामान्य व्यवहार
- भ्रम की स्थिति
डॉ वॉरविक टीग का कहना है कि यदि आपको गर्मी के तनाव के लक्षण दिखते हैं, तो कुछ ऐसी चीजें हैं जो आप एम्बुलेंस के आने से पहले कर सकते हैं।
चीज़ें जो आप कर सकते हों:
- व्यक्ति को शांत और छायादार वातावरण में लाएं
- तरल पदार्थ पिलाएं लेकिन बिलकुल ठंडे तरल पदार्थ नहीं
- अतिरिक्त कपड़े निकालें
- गीले तौलिए या स्पंज से त्वचा को पोछें
- ठंडा करने के लिए व्यक्ति को पंखा करें

कैंसर काउंसिल क्वींसलैंड के सीईओ क्रिस मैकमिलन का कहना है कि लोग अक्सर हल्के तापमान वाले दिन लापरवाह हो जाते हैं जो एक मजबूत पराबैंगनी (यूवी) विकिरण स्तर को पेश कर सकता है। 3 से ऊपर का यूवी स्तर आपकी त्वचा पर सनबर्न का कारण बन सकता है।
वास्तविक रूप से, यह सनबर्न का कारण बनता है और साल दर साल नुकसान संभवतः त्वचा के कैंसर का कारण बन सकता है
पांच सनस्मार्ट कदम:
- कपड़ों से जितना संभव हो उतना त्वचा को ढकें
- एसपीएफ 30 या अधिक का सनस्क्रीन इस्तेमाल करें
- हर 2 घंटे में सनस्क्रीन लगाएँ
- सर पर टोपी का इस्तिमाल करें
- धूप के चश्में का इस्तेमाल करें

विक्टोरियन इमरजेंसी डिपार्टमेंट के आंकड़े बताते हैं कि 2018-19 की गर्मियों के दौरान सनबर्न के लिए अस्पताल में आने वाले आधे लोग 19 साल से कम उम्र के बच्चे और किशोर थे।
यही बात डॉ टीग ने सनबर्न के साथ रोगियों के इलाज के अपने अनुभव में पाई है।
उनकी त्वचा पतली होती इसलिए उनकी त्वचा की सूरज से जलने की आशंका ज्यादा रहती है।
वह कहते हैं कि धूप में जाने से 20 मिनट पहले एक सामान्य मात्रा में सनस्क्रीन लगाने के अलावा, लोगों को हर दो घंटे में सनस्क्रीन भी लगाना चाहिए ताकि मजबूत यूवी विकिरण से बचा जा सके क्योंकि सनबर्न 15 मिनट में भी हो सकता है।
SunSmart विचारों के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कैंसर परिषद की वेबसाइट देखें।
आप BOM या SunSmart वेबसाइट से मुफ्त UV इंडेक्स ऐप डाउनलोड कर सकते हैं।
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