राग भीम पलासी सबसे प्राचीन रगों में से एक है। नाम से तो ये बहुत भरी भरकम राग लगता है मगर इसका असर बहुत ही मुलायम है। इसको सुनने से मन-ओ-मस्तिष्क को शांति मिलती है। भीम पलासी का असर कड़ी दोपहर में सबसे ज़्यदा लाभदायक होता है। कई हिंदी गाने इस राग पर बनाए गए हैं , जैसे कि - 'नैनों में बद्र छाए " या फिर "तुम जो मिल गए हो। "डॉ माधवी मोहिंद्र इस राग के चिकित्सा गुणों की जानकारी दे रही हैं।
राग भीम पलासी सबसे प्राचीन रगों में से एक है। नाम से तो ये बहुत भरी भरकम राग लगता है मगर इसका असर बहुत ही मुलायम है। इसको सुनने से मन-ओ-मस्तिष्क को शांति मिलती है। भीम पलासी का असर कड़ी दोपहर में सबसे ज़्यदा लाभदायक होता है। कई हिंदी गाने इस राग पर बनाए गए हैं , जैसे कि - 'नैनों में बद्र छाए " या फिर "तुम जो मिल गए हो। "डॉ माधवी मोहिंद्र इस राग के चिकित्सा गुणों की जानकारी दे रही हैं।