सूर की सुगन्ध

Surdas Samadhi in Parasaui, Govardhan (Mathura), India

Surdas Samadhi in Parasaui, Govardhan (Mathura), India Source: Ashok Bansal

अशोक बंसल ने महाकवि सूरदास के जीवन पर आधारित एक डॉक्यूमेंटरी '' सूर की सुगंध '' बनायी है जो बहुत पसंद की गई है. अनीता बरार के साथ बातचीत में वह इसी डॉक्यूमेंटरी के बारे में बता रहे हैं।


अशोक बंसल ने ब्रज संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर व्रत चित्र बनाये हैं . जिनमें

डॉक्यूमेंटरी '' सूर की सुगंध प्रमुख रही है । अशोक जी बताते हं कि महाकवि सूरदास ने अपने जीवन के १०५ वर्षों में से ७३ वर्ष मथुरा में गुजारे थे और सूर की कुटिया आज भी उपेक्षित है. । वह कहते हैं कि अफसोस होता है यह सोच कर कि हमारे कितने ही गायक गायिकाओं ने सूरदास के बजन गा कर प्रसिद्धी बटोरी है लेकिन सूरदास के नाम को , उसकी स्मृतियों, उनकी धरोहर को संजों कर रखने में कोई प्रयास नहीं किया गया है।

 

अशोक बंसल, कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा से हैं और भारत के राष्ट्रीय दैनिक 'जनसत्ता ' के लिये पिछले कई वर्षों से पत्रकार रहे हैं। '' मन के झरोखे से '' ( ब्रज की विभिन्न ऐतिहासिक , साँस्कृतिक घटनाओं, स्थानों और व्यक्तियों पर लेखों का संग्रह ), '' कुए में भांग ''( व्यंग लेखों का संग्रह ) , '' जब धरती ने सोना उगला '' ( आस्ट्रेलया के गोल्ड रश की रोचक गाथा ) आदि पुस्तकें लिखी है.

 


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