- इनकी फ़िल्में ग़रीबी में जीवन जी रहे समाज का आईना थीं
- पत्नी के कहने पर बदल दिया था फिल्म का क्लाईमैक्स
- थियेरिटकल मेथेड को बदल कर नेचुरल एक्टिंग पर जोर दिया था
- नायिकाओं को केंद्रित कर बेहद कामयाब फ़िल्में बनाईं
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