- एक तो तबले की आवाज़ सुनकर तवायफ़ के कोठे पर पहुँच गये।
- दूसरे "हारमोनियम के जादूगर" थे।
- पचास के दशक में एक फिल्म के लिए एक लाख रुपया लेते थे।
- इन्हें नौ बार सर्वश्रेष्ठ संगीतकार के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।
हर दिन शाम 5 बजे एसबीएस हिंदी का कार्यक्रम सुनें और हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।




