दर्शनीय स्थल: भारत के अंडमान निकोबार द्वीप समूह

Red setting sun on Radhanagar Beach of Havelock Island, Andaman and Nicobar Islands

Radhanagar Beach of Havelock Island, Andaman and Nicobar Islands, was named Asia's best beach by Time Magazine in 2004. Source: Moment RF / Vyacheslav Argenberg/Getty Images

बंगाल की खाड़ी में भारत के अंडमान निकोबार द्वीपों की उत्पत्ति के बारे में कई सिद्धांत हैं। 7वीं शताब्दी के चीनी बौद्ध भिक्षु आई-चिंग, और 9वीं शताब्दी के अरब यात्री और मार्को पोलो आदि के लेखन में इन द्वीपों की जनजातियों और उनके जीवन चर्या के उल्लेख मिलता है। इस पॉडकास्ट में इन द्वीपों के महत्व, मूल निवासियों के बारे में जाने जिनका अस्तित्व 30,000 से भी अधिक वर्षों से रहा है।


अंडमान निकोबार द्वीप समूह, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा बने सेलुलर जेल के लिये भी खास तौर पर जाने जाते हैं।

1858 ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी अपने सैकड़ों दोषियों को पोर्ट ब्लेयर लायी थी और उन्हें एकांत कारावास में रखने (काला पानी की सज़ा) के लिए 1896 में, 698 कोठरियों वाली सेलुलर जेल का निर्माण शुरू हुआ था।

Cellular Jail, also known as Kala Pani Jail,  Andaman and Nicobar Islands, India
The Cellular Jail, also known as Kala Pani Jail, was a colonial prison in the Andaman and Nicobar Islands, India, used by the British government to exile political prisoners during the struggle for India's independence. Today, the complex serves as a national memorial monument. Source: Moment RF / Beyondmylens@Harsh / Photography/Getty Images

इन द्वीपों के इतिहास के अनेक संदर्भ मिलते हैं। चोल साम्राज्य से लेकर मराठा साम्राज्य ने इन्हें एक समुद्री अड्डे के रूप में उपयोग किया।

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प्राचीन भारतीय महाकाव्य रामायण में भी इन द्वीपों का संदर्भ मिलता है।

आनुवंशिक और सांस्कृतिक अध्ययनों से पता चलता है कि स्वदेशी अंडमानी लोग 30,000 साल से भी पहले मध्य पुरापाषाण युग के दौरान अन्य आबादियों से अलग-थलग हो गए होंगे। सभ्यता के पुरातात्विक साक्ष्य 2,200 साल पुराने हैं।

चार नेग्रिटो और दो मंगोलॉयड जनजातियाँ अंडमान निकोबार द्वीप समूह के मूल निवासी हैं।

छोटे उत्तरी सेंटिनल द्वीप पर रह रहे सेंटिनलीज मूल निवासी विश्व की कुछ मानव संपर्क विहीन जनजातियों में से एक हैं। वहीं जारवा आबादी जो अलगाव में नहीं रहती है, उनके लिये स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ एक बफ़र ज़ोन बनाया है ताकि कोई उनकी शांति भंग करे।

डिसक्लेमर-  इस पॉडकास्ट में प्रस्तुत जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री पर आधारित है।

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