तुमको न भूल पायेंगे में आज हम बात करेंगे हिन्दी फिल्मों की एक प्रतिभाशाली अभिनेत्री स्मिता पाटिल की।
- मराठी दूरदर्शन में न्यूज़ रीडर के काम से शुरुआत करी और पहुंची फिल्मों में
- जिनकी फिल्म के लिए किसानों ने अपनी मजदूरी के दो-दो रुपए देकर रकम जुटाई
- दस साल के करियर में उन्होंने करीब 80 फिल्में की
- इनकी अन्तिम इच्छा थी की मरने के बाद मेक अप आर्टिस्ट उनको सुहागिन की तरह तैयार करे
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मैदान पर वापसी के इंतज़ार में खिलाड़ी






