- इनके गीतों के बेसहारा इंसान से लेकर दौलतमंद सब दीवाने थे
- रेलवे स्टेशन पर हेल्पर की नौकरी करने वाला बना गीतकार
- 500 रुपए कर्ज चुकाने के लिए बने गीतकार
- फिल्मों के लिए गहरे दार्शनिक गीत लिखे जो आज भी लोकप्रिय हैं
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तुमको न भूल पायेंगे: गोपालदास नीरज




