- कोलकाता शहर के रेस्टोरेंट में रफी के गाने सुनाया करते थे।
- शरुआत में डेमो सॉन्ग्स की रिकॉर्डिंग कराया करते थे।
- उन चुनिंदा गायको में शुमार है जो ‘सातवें सुर’ में गा सकते थे।
- 20 हज़ार से अधिक गाने गाए, मगर एक भी अवार्ड नहीं मिला।
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