- अपनी कलम से गंगा-जमुना तहजीब को पुख्ता करने वाले हिन्दुस्तानी मुसलमान थे
- इन्होंने बरसों पहले ही लिख दिया था ‘आज का हिंदुस्तान’
- उनकी तीन माएँ थीं, नफ़ीसा बेगम, अलीगढ़ यूनिवर्सिटी और गंगा नदी
- उन्हें भारतीय होने पर गर्व था। मजहब से ज्यादा मनुष्यता में रूचि थी उनकी
तुमको न भूल पायेंगे: राही मासूम रज़ा

तुमको न भूल पाएंगे। Source: SBS / SBS HINDI
भारतीय फिल्म जगत के प्रसिद्ध लेखक और गीतकार राही मासूम रज़ा से जुड़ी कुछ खास यादें।
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