आज भी फिल्म 'उमराव जान' के गीत हिट हैं। इन सदाबहार गीतों को लिखा था उर्दू शायर शहरयार ने। इन्हें साहित्य का भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चूका है। उनकी पुण्यतिथि यानि 13 फरवरी के दिन उनके पुत्र फ़रीदून शहरयार ने उनकी गीत और ग़ज़लों को नए रूप में प्रस्तुत किया है। इतने सालों के बाद भी शहरयार की गज़लों को लोगों ने फिर हाथों-हाथ लिया और बहुत पसंद किया है।
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