अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को भारत पहुंचे. इस यात्रा से पहले ट्रंप भारत में उनके भव्य स्वागत, और उमड़ने वाली भीड़ को लेकर रोमांचित थे इस बात का ज़िक्र उन्होंने एक नहीं कई बार अपने बयान और ट्वीट में किया था. ट्रंप के अमेरिका से चलने की ख़बर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया कि भारतीय लोग उनका इंतज़ार कर रहे हैं. इस पर राष्ट्रपति ट्रंप का जवाब हिंदी में आया कि हम रास्ते में और जल्द पहुंच रहे हैं.
ट्रंप भारत के अहमदाबाद पहुंचे तो उनकी उम्मीद के मुताबिक ही उनका भव्य स्वागत किया गया. उनके व उनके परिवार के लिए रेड कार्पेट बिछाया गया था. प्रधानमंत्री मोदी ने उनका गले लगाकर स्वागत किया.. अपनी यात्रा के दौरान ट्रंप महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम पहुंचे उन्होंने यहां पर चरखा भी चलाया साथ ही उन्होंने यहां की विज़िटर बुक में भारत यात्रा के लिए ग्रेट फ्रेंड प्राइम मिनिस्टर मोदी को धन्यवाद दिया. हालांकि कई राजनीतिक विश्लेषकों को ये बात कुछ अजीब लगी कि उनके संदेश में महात्मा गांधी का ज़िक्र नहीं था.
ट्रंप का संदेश
अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम पहुंचने पर एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप गले मिले.. अपने भाषण की शुरूआत उन्होंने नमस्ते से की. प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वो करीब 8 हज़ार मील दूर से ये संदेश देने आए हैं कि अमेरिका भारत से प्यार करता है. हालांकि साबरमती आश्रम की विज़िटर बुक में ट्रंप ने महात्मा गांधी के बारे में कुछ नहीं लिखा लेकिन मोटोरा स्टेडियम में उन्होंने गांधी को याद किया.
"10 साल में ग़रीबी मुक्त होगा भारत"
राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत की आर्थिक प्रगति की तारीफ की और कहा कि महज़ 70 साल में ही भारत विश्व की एक आर्थिक शक्ति बन गया है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की भी तारीफ की उन्होंने कहा कि हर कोई उन्हें प्यार करता है लेकिन वो बहुत सख्त हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में तेज़ी से लोग गरीबी रेखा से ऊपर आ रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि अगले 10 साल में भारत में गरीबी ख़त्म हो जायेगी.
आंतकवाद और पाकिस्तान पर भी बात
डोनल्ड ट्रंप ने आतंकवाद पर भी बात की उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका अपने नागरिकों की आंतकवाद से सुरक्षा करने के मुद्दे पर भी साथ हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे रेडिकल इस्लामिक टैरेरिज़म नाम दिया.
ट्रंप ने अपने भाषण में पाकिस्तान का ज़िक्र भी किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से अमेरिका के बहुत अच्छे संबंध हैं उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में उन्होंने पाकिस्तान से उनकी सीमाओं पर आंतकवादियों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात की है.
उच्चारण को लेकर ट्रोल हुए ट्रंप
हालांकि ट्रंप अपने भाषण में कई जगह भारतीय हस्तियों के नाम लिए जिसका उच्चारण वो सही नहीं कर पाए.. और ट्विटर पर उनकी इन गलतियों की खूब चर्चा हुई. जैसे ट्रंप ने सचिन तेंदुलकर को सू चिन कहा. प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि कभी वो चाय स्टाल पर चाय बेचा करते थे. वो चाय वाला शब्द कहना चाह रहे थे. लेकिन उन्होंने ची वाला कहा. इसी तरह वो स्वामी विवेकानंद के नाम में भी फंसे.
हालांकि उन्होंने कहा कि जल्द ही भारत और अमेरिका के बीच बड़ा व्यापारिक समझौता हो सकता है.. इस बीच उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को बेदह कड़ा मोल-भाव करने वाला बताया.




