ये बदलाव इन इलाकों में पुनर्निर्माण के काम में तेज़ी लाने के लिए किया गया, हालांकि ट्रेड यूनियन इस बारे में आश्वस्त नहीं हैं।
फ़ेडरल सरकार की बुशफायर प्रभावित इलाकों को मदद पहुंचाने की कोशिश के मद्देनज़र वीसा कानून में छूट देने का फैसला किया गया।
वर्तमान नियमों के अनुसार 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के जो लोग इन वीसा पर ऑस्ट्रेलिया में है वे 12 महीने तक ही देश में रह सकते हैं लेकिन उन्हें किसी एक एम्प्लायर के यहाँ अधिकतम 6 महीने काम करने की अनुमति है, और कोई भी वालंटियर के तौर पर किया काम वीसा की परिधि में नहीं आता।
दूसरे साल ऑस्ट्रेलिया में रहने के लिए बैकपैकर्स को रीजनल ऑस्ट्रेलिया में 88 दिन काम करना ज़रूरी है।
और यदि वे तीसरे साल भी रुकना चाहते हैं तो 6 महीने और काम होगा।
एक्टिंग इमीग्रेशन मिनिस्टर एलन टझ कहते हैं कि नए नियमो के अनुसार बुशफायर से प्रभावित इलाकों में वालंटियर करने पर 6 महीने काम की जरुरत नहीं रहेगी।
दूसरा बड़ा बदलाव ये की बैकपैकर्स जो वालंटियर के तौर पर काम करेंगे वो उनके वीसा को एक्सटेंड करने में इस्तेमाल हो सकेगा।
ब्लेज़ ऐड एक वालंटियर संस्था है इसे विक्टोरिया में 2009 की ब्लैक सैटरडे बुश फायर के बाद शुरू किया गया था।
ये रीजनल इलाकों के लोगों को प्राकृतिक आपदा के हालत में पुनर्निर्माण में मदद का काम करती है।
ब्लेज़ ऐड के वालंटियर घरों के फेंस और दूसरे ढांचों को खड़ा करने का काम करतें हैं।
केविन बटलर ब्लेज़ ऐड के संस्थापक हैं उन्होंने फ़ेडरल सरकार से वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम में बदलाव की सिफारिश की थी।
लेबर पार्टी के ट्रेज़री मामलो के प्रवक्ता जिम चाल्मर्स कहते हैं कि उन्होंने इन बदलावों के लिए कई हफ़्ते पहले ही सिफारिश कर दी थी।
लेकिन ट्रेड यूनियन मूवमेंट से जुड़े लोगों को इस स्कीम की सफलता का भरोसा नहीं है।
ऑस्ट्रेलियाई कौंसिल ऑफ़ ट्रेड यूनियनस ने पहले भी लालची एम्प्लायरों द्वारा बैकपैकर्स के शोषण के बारे में चेताया था।
एक बयान में उन्होंने कहा कि वे बुशफायर से उबरने की सभी कोशिशों का समर्थन करतें हैं लेकिन उन्हें विश्वास है कि स्थानीय कामगार इस अवसर पर काम करना पसंद करेंगे।
और इन इलाकों में बेरोज़गार युवाओं की बड़ी संख्या भी है।




