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VIVA: कोविड-19 के समय डिमेंशिया पेशेंट्स की देखभाल

Medical consultation aged care dr visit
Source: Getty Images/Geber86

नेशनल एजिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर और एसोसिएट प्रोफेसर बिआन्का बृजनाथ को चिंता है कि कोविड-19 के कारण विक्टोरिया में लगे लॉकडाउन से परिवार अपने वृद्धों से नहीं मिल पाने के कारण बेहद तनाव में हैं।


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By Amy Chien-Yu Wang

Presented by Jitarth Jai Bharadwaj

Source: SBS


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नेशनल एजिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर और एसोसिएट प्रोफेसर बिआन्का बृजनाथ को चिंता है कि कोविड-19 के कारण विक्टोरिया में लगे लॉकडाउन से परिवार अपने वृद्धों से नहीं मिल पाने के कारण बेहद तनाव में हैं।


दरअसल इनफेक्शन कंट्रोल के मद्देनज़र एज्ड केयर होम्स में आवाजाही प्रतिबंधित है। 

प्रोफेसर प्रोफेसर बृजनाथ कहती हैं कि कुछ माइग्रेंट्स परिवारों ने इन प्रतिबंधों के कारण अपने वृद्धों को रेजिडेंशियल केयर होम से वापस अपने घर लाने का फैसला लिया है। उनके अनुसार लोगों को इतना बड़ा कदम उठाने से पहले गंभीर सोच विचार कर यह समझना चाहिए कि क्या जो इन चुनौतियों का सामना एक डिमेंशिया पेशेंट्स के साथ कर सकेंगे। 


 

मुख्य तथ्य:

* रेजिडेंशियल एज्ड केयर में 50 प्रतिशत डिमेंशिया पेशेंट्स 

* 100 से अधिक बीमारियों के कारण हो सकता है  डिमेंशिया 

*  डिमेंशिया की सबसे साधारण वजह अल्जाइमर है 


 

वे कहती हैं कि दूसरों की मदद और देखभाल करने के लिए पहले यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि आपमें यह सब करने का स्टैमिना और क्षमता है या नहीं।  डिमेंशिया ऑस्ट्रेलिया की सीईओ मैरी मक्केबे भी कहती हैं कि कोविड-19 परिवारों और कामगारों के लिए चुनौती पूर्ण रहा है लेकिन रेजिडेंशियल केयर में रहने वाले 50% से अधिक डिमेंशिया पेशेंट्स के लिए तो यह और मुश्किल समय है। वे यह भी कहती हैं कि होम सेटिंग में रहने वाले  डिमेंशिया पेशेंट्स की स्थिति भी पहले से खराब हुई है। 

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