दुनिया के कई और देशों में पहुंचा कोरोनावायरस
ऑस्ट्रिया,स्विटरलैंड, स्पेन, ब्राज़ील और अल्ज़ीरिया में भी अब कोरोना वायरस के मामले सामने आ रहे हैं. हालांकि अभी भी चीन में ही सबसे ज़्यादा संक्रमण है. लेकिन दुनिया के दूसरे देशों में भी मामले बढ़ते जा रहे हैं. इन खबरों ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार को संभावित महामारी से निपटने के लिए आपातकालीन सेवाओं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया है.
दुनिया में कई प्रसिद्ध खेलों के आयोजन रद्द किये जा रहे हैं, स्कूल बंद किए जा रहे हैं यहां तक कि ज़्यादा भीड़भाड़ वाले काम के इलाकों को भी बंद किया जा रहा है. ज़ाहिर तौर पर विश्व भर में कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों को रोकने की क़वायद में ये सब किया जा रहा है.
ऑस्ट्रेलिया सरकार ने जारी किए नए यात्रा सुझाव
ऑस्ट्रेलिया की बात करें तो अपने नए सुझावों में सरकार ने उन लोगों से बहुत ज्यादा सावधानी बरतने को कहा है कि जो कि उत्तरी इटली जा रहे हैं. आपको बता दें कि इटली भी कोरोनावायरस के संक्रमण से जूझ रहा है.
ईरान यात्रा के बारे में भी सरकार ने अपने सुझावों में बदलाव किया है. लोगों से आग्रह किया गया है कि अगर ज़रूरी ना हो तो यात्रा टाल दें क्योंकि मध्य-पूर्व में भी वायरस का प्रकोप काफी ज़्यादा है.
ये सभी चेतावनी इसलिए आ रही हैं क्योंकि ऑस्ट्रेलिया सरकार ने संभावित महामारी की से निपटने के लिए अपने आपातकाल प्रतिक्रिया योजना को सक्रिय कर लिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ग्रेग हंट ने बताया कि ये सारे कदम कोविड-19 वायरस को फैलने से रोकने के लिए उठाए जा रहे हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि कोविड-19 वायरस का संक्रमण ऑस्ट्रेलिया में काबू में है.
कैसी है ऑस्ट्रेलिया की तैयारियां
दरअस्ल वायरस से निपटने की योजना को तीन संभावनाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है.
पहला ये कि अगर इसका असर कम रहता है तो साल 2009 की तरह स्वाइन फ्लू महामारी की तरह अस्पताल की सेवाओं को बढ़ाया जा सकता है. उनमें तब्दीली कर सकते हैं. और अगर ज़रूरतपड़ी तो उस समय की तरह नई क्लीनिक बनाए जा सकते हैं.
लेकिन अगर स्थिति ख़राब होती है और वायरस का संक्रमण फैलता है, जैसा कि साल 1918 में स्पैनिश फ्लू फैला था, तो ये पूरी स्वास्थ्य क्षेत्र की क्षमता के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति होगी.
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ब्रेंडन मर्फी कहते हैं कि हर राज्य और टैरीटरीज़ में ख़ास और एकांत क्लीनिक स्थापित किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि बुज़ुर्गों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है. हालांकि अगले कुछ महीनों में कोविड-19 वायरस के और फैलने की आशंका जताई जा रही है लेकिन सरकार ने लोगों से आग्रह किया है कि वो घबराएं नहीं.
सरकार की इस सलाह से देश भर में मास्क और सेनीटाइज़र की मांग कुछ कम हुई है. हालांकि अभी भी लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति अतिरिक्त सावधान दिख रहे हैं. दुनिया भर में कोविड-19 से निपटने के लिए वैक्सीन बनाने की जद्दोजहद चल रही है. ऑस्ट्रेलिया भी इस ओर पुरज़ोर कोशिश कर रहा है. संक्रामक रोग विशेषज्ञ राइना मैकटायर कहती है कि इस खोज के बीच मौसमी फ्लू में दी जाने वाली वैक्सीन भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी. क्योंकि चीन में देखा गया है कि लोगों को कोरोनावायरस के संक्रमण के साथ सामान्य इन्फ्लूएन्ज़ा भी था.




