डा प्रेरणा वर्मा बताती हैं कि यदि आपको नींद सम्बंधित कोई भी समस्या लगातार महसूस हो रही है तो डाक्टर से सलाह करने में झिझके नहीं ।
ठीक तरह से नींद नहीं लेने से कई समस्याएँ और कुछ बीमारियां भी बढ़ सकती हैं।

विश्व नींद दिवस मनाने की प्रथा वर्ष 2008 में शुरु की गई थी। इसका उद्देश्य नींद का महत्व और लोगों को नींद की समस्याओं के प्रति जागरूक करना था।
विश्व नींद दिवस प्रतिवर्ष विषुव वर्ष यानि स्प्रिंग वर्नल इक्विनॉक्स से पहले शुक्रवार को मनाया जाता है। यह तारीख हर साल बदलती रहती है लेकिन आम तौर पर मार्च के मध्य में आती है।
चूंकि इस दौरान उत्तरी और दक्षिणी गोलार्द्ध दोनों में दिन एवं रात बराबर होते हैं तो एक संतुलित दिन और रात के समान, यह दिन नियमित और संतुलित नींद पैटर्न के महत्व का प्रतीक है।
मार्च विषुव उत्तरी गोलार्ध में वसंत के पहले दिन और दक्षिणी गोलार्ध में शरद ऋतु का प्रतीक है।
***
अस्वीकरण: इस साक्षात्कार में दी गई जानकारी सामान्य प्रकृति की है। यह जानकारी आपकी व्यक्तिगत परिस्थितियों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकती - अपनी स्थिति पर स्पष्ट सलाह के लिए अपने स्वास्थ्य चिकित्सक से संपर्क करें।
हर दिन शाम 5 बजे SBS Hindi पर हमारा कार्यक्रम सुनें और हमें Facebook और TwitterX पर फॉलो करें



