साल 1991 में जब जतिंदर और नीरजा आहूजा मुंबई से ऑस्ट्रेलिया एक नए देश में पहुंचे थे तो वो आर्थिक तौर पर बहुत सक्षम नहीं थे. नीरजा बताती हैं कि उनके पास हज़ार डॉलर से भी कम पैसे थे. और शुरूआत में ऑस्ट्रेलिया में खर्चे चलाने के लिए उन्होंने रेस्टोरेंट में काम किया. और कभी सफाई का काम किया.
लेकिन इन परिस्थितियों में भी वो भारत में अपने रिश्तेदारों से संपर्क में रहे. जतिंदर बताते हैं कि पहले तो काफी समय तक वो भारत में अपने परिजनों से बात करने के लिए पब्लिक फोन बूथ का ही उपयोग करते थे. बाद में कहीं जाकर उनके घर में लैंड लाइन कनैक्शन लगा था. और उस वक्त भारत कॉल करना बहुत महंगा था. वो कहते हैं.
"हम हर सप्ताह दोनों के परिवारों को फोन करते थे. हालांकि उस वक्त कभी ये नहीं सोचा कि प्रति मिनट कॉल की दर काफी महंगी है. हमारे लिए परिवार के साथ वक्त बिताना ज्यादा महत्व रखता था."

2000 के बाद के दशक में भी ये दंपति अपने परिवार को ज्यादातर ई-मेल से संपर्क किया करते थे जो इन दिनों धीरे-धीरे आम होता जा रहा था.
लेकिन एक बड़ी चुनौती थी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, ये एक ऐसी तकनीक थी. जिसकी जतिंदर और नीरजा के छोटे व्यवसाय को सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी. लेकिन तब तक वो व्यापक तौर पर उपलब्ध नहीं थी.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का मलब था कि इस दंपति को अपने घर में 6 फोन लाइन लगवानी पड़ी और वीडियो कॉल को संभव बनाने के लिए दो कैमरों पर इन्होंने हज़ारों डॉलर खर्च किए.
ये दोनों अभी भी अपने परिवारों से उसी गर्मजोशी से संपर्क रखते हैं लेकिन अब 2020 में ये सब बहुत आसान हो गया है.
अब वैस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने देश के इतिहास के इस टुकड़े पर ध्यान दिया है, ये जानने के लिए कि इनके अनुभवों से दूसरे ऑस्ट्रेलियाई लोग किया सीख सकते हैं.
लॉरेटा बालडेसर यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के सोशल केयर और सोशल एजिंग लिविंग लैबोरेटरी में प्रोफेसर हैं. उनका कहना है
"हमने ये पाया है कि प्रवासी अपने परिवार से बात करने के तरीके ढूंढने में काफी रचनात्मक हैं. 30 साल पहले ये सस्ता फोन कार्ड ढूंढने तक सीमित था. लेकिन अब तरह-तरह के माध्यम अपनाए जा रहे हैं."
ये सभी बातें बदलती दुनिया में जुड़े रहने की पंरपरा को दर्शाती हैं.
ऑस्ट्रेलिया में लोगों को एक दूसरे से 1.5 मीटर की दूरी बनाए रखना अनिवार्य है. लोगों के जमा होने की सीमा के संबंध में अपने राज्य के प्रतिबंधों को देखें.
कोरोनावायरस का परीक्षण अब पूरे ऑस्ट्रेलिया में व्यापक रूप से उपलब्ध है. यदि आप सर्दी या फ्लू के लक्षणों का सामना कर रहे हैं तो अपने डॉक्टर को कॉल कर जांच की व्यवस्था करें या 1800 020 080 पर कोरोनावायरस स्वास्थ्य सूचना हॉटलाइन से संपर्क करें
केंद्र सरकार का कोरोनावायरस ट्रेसिंग एप COVIDSafe आपके फोन के एप स्टोर से डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध है.
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