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SBS Examines: विकलांग प्रवासियों के लिए ऑस्ट्रेलिया वास्तव में कैसा है?

Patient using wheelchair moving in hospital courtyard

Migrants with disability are exposed to health screening processes that could impact their ability to stay in Australia. Source: iStockphoto / Vukasin Ljustina/Getty Images

विकलांगता के पक्षधरों और विशेषज्ञों का कहना है कि सांस्कृतिक कलंक और प्रवासन कानून विकलांग प्रवासियों को और अधिक बहिष्कृत और हाशिए पर डाल देते हैं।


Published

By Nicola McCaskill

Presented by Anita Barar

Source: SBS




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विकलांगता के पक्षधरों और विशेषज्ञों का कहना है कि सांस्कृतिक कलंक और प्रवासन कानून विकलांग प्रवासियों को और अधिक बहिष्कृत और हाशिए पर डाल देते हैं।


आंतरिक कलंक और सांस्कृतिक वर्जनाएँ प्रवासी समुदायों में विकलांग लोगों के लिए सहायता में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक हैं।

"भले ही उन्हें पता हो कि सहायता मौजूद है, [विकलांग लोग] उन्हें पाने की संभावना नहीं रखते, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह शर्म की बात होगी और वह लज्जा के पात्र बनेंगें," स्पीक माई लैंग्वेज विकलांगता कार्यक्रम की राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रबंधक वैनेसा पापास्टावरोस ने एसबीएस एक्जामिनेस को बताया।

"विकलांग लोगों वाले परिवारों के देखभालकर्ता भी विकलांग व्यक्ति को सामाजिक गतिविधियों या अनुभवों से दूर रखते हैं, क्योंकि उन्हें डर होता है कि उन्हें समुदाय के अन्य सदस्यों से कलंक का सामना करना पड़ेगा।"

फिजी से आए प्रवासी मार्क टोंगा ने बताया कि रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के बाद टेट्राप्लेजिया से पीड़ित होने के बाद उनके समुदाय के दोस्तों ने उनके साथ अलग व्यवहार किया।

उन्होंने कहा, "जब लोग नहीं जानते कि इससे कैसे निपटना है, तो वे घबरा जाते हैं।"

लेकिन उनका कहना है कि उनकी चोट उन्हें असमर्थ नहीं कर सकती, बल्कि पहुंच की कमी उनके आड़े आ सकती है।

इस दुनिया में विकलांगता है। हममें कोई विकलांगता नहीं है।

“जब एक इमारत होती है, और इमारत में मौजूद लोग कहते हैं: ‘ओह, विकलांग लोग यहाँ नहीं आएँगे।’ तो ठीक है, एक रैंप बनाओ दोस्त … और हम अंदर आ जाएँगे!”

विकलांग या पुरानी स्वास्थ्य स्थितियों वाले प्रवासियों के लिए एक और बाधा प्रवासन स्वास्थ्य आवश्यकता यानि माइग्रेशन हेल्थ रिक्वायरमेन्ट है।

यह इस बात का माप है कि किसी व्यक्ति की चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए ऑस्ट्रेलियाई समुदाय को कितना खर्च करना पड़ेगा।

प्रवासन एजेंट और अधिवक्ता डॉ. जान गोथर्ड का कहना है कि यह आवश्यकता भेदभावपूर्ण है।

“इससे विकलांग व्यक्ति को बहिष्कृत या हाशिए पर महसूस होता है,” उन्होंने कहा।

“यह समुदाय को यह संदेश भी देता है कि स्वास्थ्य और विकलांगता की स्थिति वाले लोग वास्तव में समुदाय पर बोझ हैं।”

एसबीएस एक्जामिन्स का यह एपिसोड ऑस्ट्रेलिया में विकलांग प्रवासियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर नज़र डालता है।

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