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कोरोना वायरस एक वैश्विक आपदा - डब्लू एच ओ

coronavirus
A doctor at a community health station checks the body temperature of a visitor in Hangzhou in east China's Zhejiang province Source: Getty Images

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नोवेल कोरोनावायरस के तेज़ी से फैलते संक्रमण को वैश्विक आपातकाल घोषित किया है. निश्चित तौर पर इस वायरस के चीन में और चीन से बाहर तेज़ी से फैलने की वजह से ये फैसला लिया गया है.


Published

By Amy Hall

Source: SBS


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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नोवेल कोरोनावायरस के तेज़ी से फैलते संक्रमण को वैश्विक आपातकाल घोषित किया है. निश्चित तौर पर इस वायरस के चीन में और चीन से बाहर तेज़ी से फैलने की वजह से ये फैसला लिया गया है.


डब्लू एच ओ ने माना है कि चीन के कुछ प्रांतों से फैलने वाले इस वायरस का प्रकोप अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय है. ज़ाहिर है इस घोषणा के बाद इस वायरस से निपटने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सामंजस्य बढ़ेगा. क्योंकि ये ख़तरा दिनों दिन घातक होता जा रहा है. चीन में 170 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 8 हज़ार से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित बताये जा रहे हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर जनरल टेडरॉस गेबरियेसोस ने इस फैसले की जानकारी दी.

उन्होंने कहा कि जिस तरह से चीन की सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कदम उठाए हैं वो उससे प्रभावित हैं. 

चीन के तैयारियों और वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए कदमों के बारे में कुछ ऐसी ही राय विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्वास्थ्य आपातकाल कार्यक्रम के प्रमुख डॉक्टर माइक रायन की भी है. डॉक्टर रायन इस वायरस से संबंधित तथ्यों की खोज के लिए चीन गई टीम का हिस्सा थे.

पिछले हफ्ते दो बार ऐसा हुआ कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की आपातकाल समिति ने कोरोनावायरस के संक्रमण की स्थिति को वैश्विक तौर पर स्वास्थ्य आपातकाल घोषित नहीं किया. समिति चीन से और जानकारी चाहती थी. और साथ ही इस बात के भी सबूत चाहती थी कि क्या दूसरे देशों में भी ये वायरस इंसानों से इंसानों में भी फैल रहा है या नहीं.

डॉक्टर गेबरियेसोस कहते हैं कि अब वो जानते हैं कि चीन से बाहर संक्रमित लोगों में वो ही लोग ज्यादा हैं जो कि खुद कुछ समय पहले चीन के वुहान प्रांत से होकर आए हैं या फिर कोरोनावायरस से संक्रमित किसी शख्स के संपर्क में रहे हैं.

ऑस्ट्रेलिया की बात करें तो अब तक ऑस्ट्रेलिया में 9 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. जिनमें से 4 न्यू साउथ वेल्स में हैं और 3 विक्टोरिया में और 2 क्वींसलैंड में. ऑस्ट्रेलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ब्रैंडन मर्फी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की घोषणा का स्वागत किया है. एबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि ये कुछ हफ्तों या महीनों में ही पता चल पाएगा कि क्या चीन से फैले कोरोनावायरस के संक्रमण पर काबू पा लिया गया है या नहीं.

डॉक्टर गेबरियेसोस ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी और स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी संक्रमित लोगों के इलाज़ में एक बड़ा योगदान दे रहे हैं. जिससे कि इस वायरस को फैलने से रोका जा सके.

इस संक्रमण को वैश्विक आपातकाल घोषित किये जाने के बाद अब सभी देशों को इस वायरस की रोकथाम के लिए समुचित कदम उठाने होंगे ताकि ये कहीं और ना फैल सके. इसमें अतिरिक्त निगरानी वायरस से निपटने के लिए तैयारियां भी शामिल हैं. प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया इस घोषणा से पहले ही समुचित कदम उठा रहा है.

डॉक्टर दीपक राय ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा आपातकाल की घोषणा के बाद अब कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर सभी देशों के बीच सामंजस्य बढ़ेगा साथ ही ऐसे देशों को भी सहायत मिल सकेगी जहां स्वास्थ्य व्यवस्था बहुत अच्छी नहीं हैं. 

हालांकि कई अन्तर्राष्ट्रीय विमानन कंपनियों ने पहले ही चीन के लिए अपनी उड़ाने रद्द कर दी हैं लेकिन यात्रा और व्यापार को लेकर विश्व स्वास्थ संगठन ने कोई सुझाव नहीं दिए हैं.

वेस्टमीड मेडिकल सेंटर से डॉक्टर मनमीत मदान कहते हैं कि उनके पास लोगों के फोन आ रहे हैं कि क्या उन्हें बच्चों को स्कूल भेजना चाहिए या फिर किस तरह के एहतियात बरतने चाहिए. डॉक्टर मदान कहते हैं कि इस वक्त सबसे ज्यादा ज़रूरत हैं कि हम किसी भी तरह की हड़बड़ी ना दिखाएं.


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