जब ऑस्ट्रेलिया आने के लिए मुझसे भारत छूटा, तो ऐसा लगा कि देश कम छूट रहा था दिल्ली ज्यादा छूट रही थी. ऐसा शायद इसलिए है क्योंकि आप दिल्ली में रह लें तो दिल्ली आपके भीतर रहने लगती है. ऐसे में सिडनी में पहली ही रात एपिंग रोड से मुड़ा तो दिल दिल्ली हो गया. सामने बोर्ड पर बड़ा बड़ा लिखा था.. दिल्ली रोड. हैरत ज्यादा थी या खुशी पता नहीं. ज़ौक कहते मर गये कि कौन जाए दिल्ली की गलियां छोड़कर और मैं सिडनी पहुंचा तो गली दिल्ली वाली यहां मिल गई. पर कैसे? सिडनी में दिल्ली रोड कहां से आई? क्यों आई? कब आई? किसे सूझा होगा कि सिडनी में एक रोड का नाम दिल्ली रोड रखा जाए? सुनिए, जवाब.



