ऑस्ट्रेलिया की विविधता परिषद हर दो साल में इन्क्लूशन वर्क इंडेक्स, प्रकाशित करती है, यह एक अध्ययन है जो ऑस्ट्रेलियाई कार्यबल में समावेश और उत्पीड़न और भेदभाव को दर्शाता है।
मुख्य बातें :
- लोगों को भेदभाव और उत्पीड़न से बचाने के लिए ऑस्ट्रेलिया में फ़ेडरल, राज्य और क्षेत्रीय कानून हैं।
- कार्यस्थल में गैरकानूनी भेदभाव तब होता है जब कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति के विशेष गुणों के कारण किसी कर्मचारी के साथ दूसरों की तुलना में कम अनुकूल व्यवहार करता है।
- किसी के साथ अलग व्यवहार करना अनिवार्य रूप से गैरकानूनी भेदभाव नहीं है।
आपको बता दें कि अगला इंडेक्स इसी साल दिसंबर में जारी किया जा रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि वास्तव में कार्यस्थल भेदभाव आखिर है क्या?

गैरकानूनी कार्यस्थल भेदभाव क्या है?गैरकानूनी कार्यस्थल भेदभाव तब होता है जब एक नियोक्ता व्यक्ति के कुछ गुणों के कारण किसी व्यक्ति के खिलाफ प्रतिकूल कार्रवाई करता है - जैसे कि जाति, उम्र, यौन अभिविन्यास, गर्भावस्था या धर्म। इसमें फुल-टाइम , पार्ट-टाइम, कैज़ुअल ,प्रोबेशनरी कर्मचारी, प्रशिक्षक और ट्रेनी शामिल होते हैं।

पैट्रिक टर्नरिस ब्रिस्बेन में स्थित मौरिस ब्लैकबर्न में रोजगार और औद्योगिक कानून के विशेषज्ञ हैं।
एडवर्स एक्शन एक कानूनी शब्द है और किसी को बर्खास्त करने जैसे कार्यों का उल्लेख कर सकता है, वह बताते हैं
डायवर्सिटी काउंसिल की 2019 की अंतिम रिपोर्ट के अनुसार, आदिवासी और टोरेस स्ट्रेट्स आइलैंडर्स को कार्यस्थलों में ज़्यादा भेदभाव सहना पड़ा। विभिन्न उद्योगों में काम करने वालों के भी अलग-अलग अनुभव होते हैं। वित्त और सेवा उद्योगों के कर्मचारियों ने जहां अधिक घटनाओं का उल्लेख किया वहीं निर्माण उद्योग के श्रमिकों ने निम्नतम स्तर की सूचना दी।

फेयर वर्क एक्ट के तहत, यदि नियोक्ता किसी कर्मचारी के साथ उनकी किसी ख़ास विशेषता के कारण भेदभाव नहीं करता है, तो इसे एडवर्स एक्शन नहीं माना जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया में भेदभाव को प्रतिबंधित करने वाले कड़े कानूनों के बारे में जागरूक होना महत्वपूर्ण है। वह कुछ अलग-अलग परिणामों पर प्रकाश डालता है जो भेदभाव के दावे से उत्पन्न हो सकते हैं।

एक सही कार्यस्थल वह होता है जहाँ सभी का सम्मान होता है और जहाँ लोगों के बीच मानवीय संबंध बनते है।
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