क्या कोई सच में अपनी मृत्यु के पहले ही मृत्यु के बाद होने वाली उसके शरीर के परिणाम का अंदाजा लगा सकता है ? बहादुर शाह ज़फर को कुछ ऐसा ही अनुमान था तभी तो उन्होंने लिखा भी:कितना है बदनसीब 'ज़फर' दफ्न के लिए,दो गज़ ज़मीन भी न मिली कू-ए-यार में॥ कितना है बदनसीब 'ज़फर' दफ्न के लिए,दो गज़ ज़मीन भी न मिली कू-ए-यार में॥
क्या कोई सच में अपनी मृत्यु के पहले ही मृत्यु के बाद होने वाली उसके शरीर के परिणाम का अंदाजा लगा सकता है ? बहादुर शाह ज़फर को कुछ ऐसा ही अनुमान था तभी तो उन्होंने लिखा भी:कितना है बदनसीब 'ज़फर' दफ्न के लिए,दो गज़ ज़मीन भी न मिली कू-ए-यार में॥ कितना है बदनसीब 'ज़फर' दफ्न के लिए,दो गज़ ज़मीन भी न मिली कू-ए-यार में॥