Singing during a wedding over 40 years ago at Gorakhpur (India). Credit: --Family Music Archives
दिल्ली की ऋतु माथुर ने बीते दौर के कुछ अनोखे गीतों को ज़िंदा रख कर एक सराहनीय काम किया है। ये पारम्परिक गाने पुराने ज़माने में शादियों, त्योहारों और पारिवारिक कार्यक्रमों के दौरान घरों में गाए जाते थे। आज इन्हीं अनमोल गानों की पुरानी रिकॉर्डिंग्स का एक अनूठा संग्रह बन चूका है और अब लोग ऋतु को देश के कोने-कोने से अपने परिवार के सैकंडो गीत भेजते हैं जो उनके यहाँ मांगलिक कार्यक्रम में गाये जाते थे।
दिल्ली की ऋतु माथुर ने बीते दौर के कुछ अनोखे गीतों को ज़िंदा रख कर एक सराहनीय काम किया है। ये पारम्परिक गाने पुराने ज़माने में शादियों, त्योहारों और पारिवारिक कार्यक्रमों के दौरान घरों में गाए जाते थे। आज इन्हीं अनमोल गानों की पुरानी रिकॉर्डिंग्स का एक अनूठा संग्रह बन चूका है और अब लोग ऋतु को देश के कोने-कोने से अपने परिवार के सैकंडो गीत भेजते हैं जो उनके यहाँ मांगलिक कार्यक्रम में गाये जाते थे।
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