पश्चिम बंगाल के शिक्षक दीप नारायण नायक को लोग स्ट्रीट मास्टर कहते हैं क्योंकि इन्होंने पुरे परिवार को एक साथ पढ़ाने के लिए घरों की दीवारों को ब्लैकबोर्ड और सड़कों को क्लासरूम बना दिया है। इन क्लासों में सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि माता पिता, दादा दादी और नाना नानी भी पढ़ाते हैं। अब शिक्षा पाने के इस मॉडल को बहुत से अन्य क्षेत्र भी अपना रहे हैं। और आज ये मॉडल पडोसी देश बांग्लादेश में भी अपनाया जा चूका है।
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