कार्यक्रम में न्यू साउथ वेल्स के इमरजेंसी सेवा मामलों के मंत्री ट्रॉय ग्रांट और मिनिस्टर फॉर मल्टीकल्चरिज़्म रे विलियम्स ने शिरकत की. साथ ही यहां मौजूद से वॉटर सेफ्टी से जुड़े दो अहम महक़मों के सीईओ.

रॉयल लाइफ न्यू साउथ वेल्स के सीईओ माइकल लिंसकी ने कहा कि पानी में मौजूद खतरे किसी से भेदभाव नहीं करते. उन्होंने कहा कि सचेत रहना ही डूबने से बचने का उपाय है. एक रिसर्च के आधार पर उन्होंने कहा कि डूबने वालों में ज्यादातर 25 से 34 साल के युवा है जो कि जोश में ख़तरा मोल लेते हैं. ये ही नहीं एक रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने बताया कि पिछले 5 सालों में डूबने वाले लोगों में 11.1 फीसदी भारतीय हैं जो कि चीन और दक्षिण कोरिया के बाद तीसरे नंबर पर है.

सर्फ लाइफ़ सेविंग न्यू साउथ वेल्स के सीईओ स्टीवन पीयर्स ने कहा कि वो भी एक लाइफ सेवर रहे हैं वो कहते हैं कि वो एक भारतीय परिवार के डूबने के गवाह भी रहे हैं. दुर्भाग्यवश वो कुछ लोगों को नहीं बचा पाए. उन्होंने कहा कि इस परिवार के लोग तैरना नहीं जानते थे.
उधर न्यू साउथ वेल्स इमरजेंसी सेवा मामलों के मंत्री ट्रॉय ग्रांट ने एसबीएस हिंदी से बात करते हुए भारतीय समुदाय के लोगों से अपील की है कि वो भारत और ऑस्ट्रेलिया के तटों में अंतर समझें और हमेशा जागरूक रहें.

वहीं मिनिस्टर फॉर मल्टीकल्चरिज़्म रे विलियम्स ने कहा कि वो किसी भी इंसान को खोना नहीं चाहतें उन्होंने भारतीय समुदाय से सजग रहने की अपील की
