टाउन्सविल की बाढ़ में भारतीय समुदाय के लोगों का हाल जानने के लिए एसबीएस हिंदी ने वहां रहने वाले कुछ लोगों से बात की. आलीशान इंडियन रेस्टोरेंट के मालिक इंदर दीप सिंह बताते हैं कि रॉस नदी के आस-पास के इलाकों में तबाही मची है. बांध का पानी छोड़े जाने की वजह से हालात और बिगड़े हैं. उन्होंने बताया कि उनके एक मित्र गुरविंदर के घर तो करीब 20-22 लोग रह रहे हैं जिन्हें कि बाढ़ की वजह से अपना घर छोड़ना पड़ा है.

उधर गुरप्याद सिंह ने अपने एक रिश्तेदार के घर में शरण ली है. उन्हें मैसेज आया था कि उनके घर को ख़तरा है और ऐसे में उन्हें घर छोड़ना पड़ेगा, फिर पुलिस ने भी उनका दरवाजा खटखटाकर उन्हें घर से निकलने को कहा. गुरप्याद तब ये अंदाज़ा भी नहीं लगा पाए थे कि ख़तरा कितना बड़ा है, वो तो बस कुछ सामान के घर के ऊपरी भागों में रखकर और अपना कुछ ज़रूरी सामान लेकर घर से निकल गए. हालांकि बाद में उन्होंने अपने घर की खबर लेनी चाही लेकिन पुलिस ने बाढ़ग्रस्त इलाके की घेराबंदी की थी. उन्हें तो ये भी नहीं पता कि उनके घर का क्या हाल है.

वहीं यहां रहने वाले दक्षिण भारतीय जॉन बॉस्को बताते हैं कि उनकी जानकारी में ही करीब 20 परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं. उन्होंने बताया कि अपने क्लीनिक और टैक्सी जैसे व्यवसाय करने वाले भारतीयों को बाढ़ के कारण नुकसान उठाना पड़ा है. हालांकि वो कहते हैं कि किसी भारतीय रेस्टोरेंट को नुकसान की खबर उनके पास नहीं है लेकिन इन सड़कों में पानी भर जाने के कारण इन व्यवसायियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
हालांकि सोमवार को बारिश थमने पर हालात में कुछ सुधार ज़रूर दिखा जॉन कहते हैं कि अगर बारिश नहीं होती है तो हालात जल्द सुधर सकते हैं.
